भोपाल 9 जुलाई (आईएएनएस) मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अधीन कराए जाने वाले कार्यों के निरीक्षण में कई गड़बड़ियां पाई गई है। जिस पर चार अफसर को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है, वही ठेकेदारी का पंजीयन निलंबित किया गया है । आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी बताया गया है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में औचक निरीक्षण किए जा रहे है।
बीते दिनों मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने रायसेन, पांढुर्णा, शिवपुरी, बुरहानपुर, उमरिया, मंदसौर एवं निवाड़ी जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कुल 34 निर्माण कार्यों का रेंडम आधार पर परीक्षण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, पीआईयू के छह, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के छह तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का एक कार्य शामिल रहा। निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रमुख अभियंता (सड़क व पुल) आर.एल. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई।
बैठक में प्रमुख अभियंता (एमपीआरडीसी) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बीडीसी) अजय श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी निरीक्षण दल ऑनलाइन उपस्थित रहे। समीक्षा में बुरहानपुर जिले के सुंदर नगर-कुंदन डेयरी रोड स्थित पंडारोल नाला पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह बुरहानपुर जिले में हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा कार्य कर रही एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा के पंजीयन निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश प्रमुख अभियंता इंदौर को दिए गए।
–आईएएनएस
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