मुंबई, 7 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को महाराष्ट्र आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल मामले में बड़ी सफलता मिली है। विशेष एनआईए अदालत, मुंबई ने आरोपी डॉ. अदनान अली सरकार को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
एनआईए के अनुसार, अदालत ने डॉ. अदनान अली सरकार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [यूए(पी)] की धाराओं 13, 18, 20, 38 और 39 तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 201 और 120-बी के तहत दोषी पाया। अदालत ने उन्हें अधिकतम 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 65,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
एनआईए ने यह मामला 28 जून 2023 को स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज किया था। गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसी ने जांच शुरू की थी, जिसमें भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ साजिश रचे जाने के संकेत मिले थे।
जांच में सामने आया कि यह एक व्यापक साजिश थी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और विदेश में बैठे ISIS संचालकों की भूमिका भी शामिल थी। एनआईए के मुताबिक आरोपी आईएसआईएस की कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करने, युवाओं की भर्ती करने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और आईएसआईएस की प्रचार सामग्री जैसे ‘वॉइस ऑफ हिंद’ और ‘वॉइस ऑफ खुरासान’ पत्रिकाओं के प्रसार में शामिल थे।
मामले में ताबिश नासिर सिद्दीकी, जुल्फिकार अली बरोडावाला उर्फ लालाभाई, शर्जील शेख, आकिफ अतीक नाचन, जुबैर नूर मोहम्मद शेख उर्फ अबू नुसैबा और डॉ. अदनान अली सरकार समेत कुल छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। विशेष अदालत ने सभी छह गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। वर्तमान में सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। एनआईए ने बताया कि शेष पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा।
एनआईए का कहना है कि मामले की जांच के दौरान आतंकवादी नेटवर्क, फंडिंग और प्रचार गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और एजेंसी ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
