महाराष्ट्र के राज्यपाल ने भीकू इदाते और रवींद्र प्रभुदेसाई की पुस्तकों का किया विमोचन

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मुंबई, 21 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने 20 मई को मुंबई के महाराष्ट्र लोक भवन में तीन महत्वपूर्ण किताबों का विमोचन किया। इनमें पद्म श्री भीकू (दादा) इदाते की किताब ‘समरसता का तीर्थयात्री’ शामिल है। यह किताब मराठी पुस्तक ‘समरसतेचा वारकरी’ का अंग्रेजी अनुवाद है।

नीलिमा देशपांडे द्वारा लिखित इस पुस्तक का अनुवाद ऋतुराज पाटकी ने किया है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने प्रस्तावना लिखी है।

इसी कार्यक्रम में राज्यपाल ने उद्योगपति और पीतांबरी समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. रवींद्र प्रभुदेसाई की दो किताबें ‘आधुनिक शेतीचे मॉडेल’ और ‘आपला कोकण’ भी जारी कीं।

राज्यपाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भीकू इदाते की किताब ‘समरसता का तीर्थयात्री’ पाठकों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समरसता आंदोलन को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में भी किताबों का अपना विशेष महत्व है। भौतिक रूप से किताब पढ़ने का अनुभव अभी बहुत अद्भुत है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि यह गलत धारणा है कि युवा पीढ़ी किताबें नहीं पढ़ती। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी पढ़ रही है, बस उसका माध्यम बदल गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जन्मदिन, शादी और अन्य विशेष अवसरों पर लोग किताबें उपहार में देने की परंपरा शुरू करें।

भीकू इदाते ने अपने संबोधन में ‘समरसता मंच’ के गठन, इसके माध्यम से चलाए गए विभिन्न आंदोलनों, ‘फुले-अंबेडकर संदेश यात्रा’ और विमुक्त और घुमंतू समुदायों की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपनी लंबी सामाजिक यात्रा को भी साझा किया।

डॉ. रवींद्र प्रभुदेसाई ने अपनी दोनों किताबों ‘आधुनिक शेतीचे मॉडेल’ और ‘आपला कोकण’ के बारे में विस्तार से बताया।

इस पुस्तक विमोचन समारोह में हिंदुस्तान प्रकाशन संस्था और साप्ताहिक ‘विवेक’ के मार्गदर्शक पद्म श्री रमेश पतंगे, साप्ताहिक ‘विवेक’ तथा पीतांबरी समूह के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

भीकू इदाते ‘भटके विमुक्त विकास परिषद’ के संस्थापक अध्यक्ष और ‘समरसता मंच’ के लंबे समय तक कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके हैं। यह कार्यक्रम समरसता और सामाजिक विकास के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।