श्रीनगर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। कश्मीर महिला संगठन की अध्यक्ष दरख्शां हसन भट ने कहा है कि संगठन ने अब तक सीधे तौर पर 20 हजार से अधिक महिलाओं को अपने साथ जोड़ा है, जबकि डिजिटल माध्यमों के जरिए उसकी पहुंच 80 लाख से अधिक लोगों तक बनी है। महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना संगठन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
दरख्शां हसन भट ने कहा कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। महिलाएं परिवार और समाज को जोड़ने का काम करती हैं। वे संवाद को बढ़ावा देने, हिंसा रोकने और स्थायी शांति स्थापित करने में भी अहम योगदान दे सकती हैं। घरेलू हिंसा और परिवार का खराब माहौल बच्चों पर गहरा असर डालता है। ऐसे माहौल में बच्चे गलत रास्ते की ओर बढ़ सकते हैं, इसलिए मजबूत समाज बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त करना और परिवारों को मजबूत बनाना जरूरी है।
उन्होंने शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को महिलाओं की प्रगति की सबसे बड़ी कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षित और आर्थिक रूप से सक्षम महिलाएं बेहतर फैसले लेती हैं, अपने परिवार का सहारा बनती हैं और समाज को चरमपंथ और अन्य सामाजिक बुराइयों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
दरख्शां हसन भट ने बताया कि कश्मीर महिला संगठन की लैंगिक समानता फेलोशिप के तहत युवा महिलाओं को नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, संविधान की जानकारी, जन नीति, डिजिटल साक्षरता और समाज से जुड़कर काम करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भविष्य की महिला नेतृत्व तैयार करना है। जून 2026 में उपराज्यपाल ने इस फेलोशिप के पहले बैच को सम्मानित किया था। उनका मानना है कि इससे और अधिक युवतियां सार्वजनिक जीवन में आगे आने के लिए प्रेरित हुई हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन के ‘दरख्शां सितारे’ नामक संवाद कार्यक्रम ने कई महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को लोगों तक पहुंचाया है। इससे दूसरी महिलाओं को भी चुनौतियों का सामना करने और नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिली है। सामाजिक माध्यमों का सही उपयोग समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने, गलत जानकारी का जवाब देने और बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने में मददगार साबित हुआ है। संगठन नियमित रूप से वीडियो, संवाद कार्यक्रम और अन्य माध्यमों के जरिए लोगों को जागरूक करता है।
दरख्शां हसन भट ने माना कि आज भी महिलाओं को सीमित अवसर, घरेलू हिंसा और सामाजिक बाधाओं जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संगठन जागरूकता अभियान, नेतृत्व प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद के जरिए इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं तक पहुंचने के लिए नियमित रूप से कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम और बैठकें आयोजित की जाती हैं।
वहीं, महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर इन योजनाओं की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचे और उनका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो, तो महिलाओं को इसका अधिक लाभ मिलेगा। अगले पांच वर्षों में संगठन गांव स्तर तक अपनी पहुंच बढ़ाने, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने, डिजिटल साक्षरता को मजबूत करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देगा।
महिलाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की लत पर चिंता जताते हुए दरख्शां हसन भट ने कहा कि कश्मीर महिला संगठन इस दिशा में जागरूकता अभियान तेज करेगा। संगठन विशेषज्ञों की मदद से परामर्श और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ परिवारों को भी इस अभियान से जोड़ेगा। नशे की समस्या से जूझ रही महिलाओं को बिना किसी डर या झिझक के इलाज के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

