नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कोलकाता भगदड़, मुआवजे की घोषणा समेत कई मुद्दों पर आईएएनएस से बात की और अपने विचार साझा किए।
आरपी सिंह ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर ममता बनर्जी के ऊपर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कोई घटना हो गई, ममता बनर्जी उसमें राजनीति कर रही हैं। सीएम ने तुरंत चिंता की, पंडाल के अंदर कैसी व्यवस्था होती है, वह पंडाल के संयोजक की चिंता होती है। कहीं भी अगर उसमें गलती रही होगी, तो उसकी जांच हो रही है। सात लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। लेकिन ममता बनर्जी अपना समय भूल चुकी हैं। दुर्गा पूजा रोककर मुहर्रम का जुलूस पहले निकलवाती थीं। ऐसे में उन्हें कहने का कुछ अधिकार नहीं है। बंगाल सरकार पूरी चिंता कर रही है और जो भी जरूरी है, उसके लिए उचित कदम उठा रही है।”
छेड़छाड़ करने वालों पर पप्पू यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “पप्पू यादव इस समय इस्लाम धर्म के ज्यादा असर में हैं। वो शायद भूल गए हैं कि देश में कानून भीमराव अंबेडकर के दिए हुए संविधान के हिसाब से चलता है, कार्रवाई कानून के हिसाब से होती है, न कि उनके शरिया कानून के हिसाब से।”
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए आरपी सिंह ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं है कि राहुल गांधी विदेशी एजेंसी के हाथ में खेल रहे हैं। तभी तो सैम पित्रोदा ने कहा था कि अगर जॉर्ज सोरोस 10 बिलियन डॉलर खर्च करना चाहें, तो क्या दिक्कत है? उन्हें पता है कि वोट और निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से पीएम मोदी को हटा नहीं सकते और भाजपा को हरा नहीं सकते। इसलिए अराजकता के जरिए देश में बवाल कराना चाहते हैं।”
ओवैसी को लेकर उन्होंने कहा, “ओवैसी राष्ट्रहित के बारे में सही बात करते हैं, लेकिन जब स्थानीय राजनीति की बात आती है, तो वे थोड़ा आर-पार की बात कहते हैं। पिछले कुछ महीनों से राष्ट्रहित के मामले में ओवैसी का ठीक स्टैंड रहता है।”
जनगणना 2027 के नियमों में बदलाव पर विपक्ष की आपत्ति पर आरपी सिंह ने कहा, “उन्हें हर चीज में आरएसएस और भाजपा दिखती है। उन्हें संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने होते हैं। अगर उन्हें दिक्कत है तो कोर्ट जाएं। बाकी जनगणना संविधान के अनुसार जारी है।”
सीजेपी नेता की जमानत और दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के व्यापारियों पर असर को लेकर उन्होंने कहा, “सेंट्रल दिल्ली के इलाके में पूरे दिल्ली के लोग शॉपिंग के लिए आते हैं। दुर्गा पूजा, दशहरा और दीपावली का ऐसा सीजन होता है, जब लोग खरीदारी करते हैं। मेरी जानकारी में कारोबारियों का करीब 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अगर ऐसे ही रहा तो करीब 10,000 करोड़ रुपए का उनका नुकसान होगा। विपक्षी दलों को इसे समझना चाहिए।”
