कोलकाता, 9 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ममता बनर्जी उस समय एक दिवंगत टीएमसी नेता (कार्यकर्ता) के परिवार से मिलने जा रही थीं, जिसे लेकर टीएमसी ने दावा किया कि उसकी पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी का किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस घटना से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। अगर भाजपा ने इस तरह की राजनीति की होती, तो कई विधायकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई होती लेकिन किसी विधायक की मौत नहीं हुई है। सभी अपने घरों में सुरक्षित हैं। किसी पार्षद की पिटाई नहीं हुई और किसी का घर नहीं तोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र में विश्वास करती है। टीएमसी हमें लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाए। पूर्व सीएम पर हुए हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री या महिला नेता पर कीचड़ और पत्थर फेंकना गलत बात है, हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। पुलिस इस मामले में अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी।
दूसरी ओर, टीएमसी सांसद डोला सेन ने इस घटना को लेकर पुलिस और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी टीएमसी की नेता हैं और पार्टी कार्यकर्ता की मौत के बाद उनके परिवार के लोगों से मिलने गई थी। लेकिन, उनके ऊपर भी हमला हो सकता था, यह हम लोग कल्पना नहीं किए।
उन्होंने कहा कि जिस वक्त घटना हुई, हमें भी ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर चिंता हुई। इस मामले पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने सीधे तौर पर भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये सब भाजपा के लोग हैं। ये सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य के लोग हैं। ये बाहर कुछ और कहते हैं और करते कुछ और हैं।
कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने दावा किया कि जब ममता बनर्जी पीड़ित टीएमसी कार्यकर्ता के घर पहुंचीं, उससे पहले ही भाजपा के लोगों ने उनकी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए और यह जान से मारने की कोशिश का मामला है। कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि मौके पर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने इस घटना के पीछे सुवेंदु अधिकारी की ओर से निर्देश दिए जाने का भी आरोप लगाया।

