मन की बात: कच्छ की ‘फ्लेमिंगो सिटी’ के मुरीद हुए पीएम मोदी, पक्षियों को बताया ‘लाखा जी के बाराती’

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नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें एपिसोड में फ्लेमिंगो (राजहंस) पक्षियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण में कहा, “बरसात खत्म होते ही कच्छ के रण की धरती जीवंत हो जाती है। हर साल लाखों फ्लैमिंगो यहां आते हैं। पूरा इलाका गुलाबी रंग से रंग जाता है, इसलिए इसे फ्लैमिंगो सिटी कहा जाता है। ये पक्षी यहीं घोंसले बनाते हैं और अपने बच्चों को बड़ा करते हैं। कच्छ के लोग इन्हें ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं। अब लाखा जी के ये बाराती कच्छ में पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक बन गए हैं।”

पीएम ने कहा कि जैसे ही मॉनसून खत्म होता है, यहां की जमीन जीवंत हो उठती है। हर साल, लाखों फ्लेमिंगो यहां आते हैं। पूरा इलाका गुलाबी रंग का हो जाता है, इसीलिए इसे ‘फ्लेमिंगो सिटी’ कहा जाता है। ये पक्षी यहीं अपने घोंसले बनाते हैं और अपने बच्चों को पालते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर हम सबके लिए अष्टलक्ष्मी है, यहां भरपूर प्रतिभा है और पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता भी सबका ध्यान खींचती है। मन की बात में भी हम अक्सर पूर्वोत्तर के लोगों की उपलब्धियों की चर्चा करते आए हैं, ऐसी ही एक और उपलब्धि की मैं चर्चा करूंगा और वह है बांस क्षेत्र में पूर्वोत्तर की सफलता। जिस चीज़ को कभी बोझ के रूप में देखा जाता था, वह आज रोजगार, कारोबार और नवाचार को नई गति दे रही है। हमारी माताएं-बहनें इसकी सबसे बड़ी लाभार्थी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मध्य भारत से एक अच्छी खबर भी आई है। छत्तीसगढ़ में काले हिरण फिर से दिखाई देने लगे हैं। इनकी संख्या काफी कम हो गई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से इनके संरक्षण में वृद्धि हुई है। आज, वे एक बार फिर खुले मैदानों में घूमते हुए देखे जा रहे हैं।

पीएम ने मन की बात में कहा कि एक और कहानी इंसानों और वन्यजीवों के बीच सहयोग के बारे में है। और यह कहानी उत्तर प्रदेश की है। तराई क्षेत्र में, फसल कटाई के मौसम के दौरान हाथियों के झुंड गांवों के करीब आ जाते हैं। इससे टकराव का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, अब उत्तर प्रदेश में भी “गज मित्र” जैसी पहल शुरू हो गई है।