बैचेनी, घबराहट और तनाव से परेशान? छोटे बदलाव से मिलेगी बड़ी राहत, जानें क्या है ‘7बी’ फॉर्मूला

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नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी तेज रफ्तार जिंदगी का नकारात्मक असर शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में तनाव, बात-बात पर गुस्सा, बैचेनी, घबराहट, मायूसी, उदासी, निराशा, थकान, रुचि की कमी और अनिद्रा या भूख न लगना जैसी समस्याएं आम सी बात बन गई हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट छोटी-छोटी सकारात्मक आदतों से डिप्रेशन पर काबू पाने की सलाह देते हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, ‘7बी’ फॉर्मूला इन आदतों का समूह है, जो डिप्रेशन से लड़ने और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में बेहद कारगर साबित होता है। ये सात आसान आदतें किसी की भी दिनचर्या में शामिल की जा सकती हैं। इन्हें नियमित रूप से अपनाने से मूड बेहतर होता है, तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

ये छोटे-छोटे बदलाव धीरे-धीरे बड़े परिणाम देते हैं। हालांकि, अगर मानसिक समस्याएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। दवा और थेरेपी के साथ इन आदतों को अपनाने से जल्दी राहत मिल सकती है।

दैनिक दिनचर्या बनाएं (बिल्ड अ डेली रूटीन): नियमित समय पर उठना, खाना, काम और सोना एक संरचित दिनचर्या बनाता है। इससे जीवन में स्थिरता आती है और डिप्रेशन के लक्षण कम होते हैं।

ताजी हवा में सांस लें (ब्रीदिंग इन फ्रेश एयर): रोजाना सुबह-शाम बाहर टहलें या वॉक करें। ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी से मूड बेहतर होता है, एंडॉर्फिन्स बढ़ते हैं जो खुशी का हार्मोन है।

हेल्दी ऑप्शन के साथ डाइट बैलेंस करें (बैलेंस डाइट): पौष्टिक भोजन लें जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और पानी ज्यादा पीएं। जंक फूड और ज्यादा चीनी से बचें, क्योंकि ये मूड को प्रभावित करते हैं।

विचारों और कामों में क्रिएटिव बनें (बी क्रिएटिव): पेंटिंग, लेखन, संगीत, बागवानी या कोई नया हॉबी अपनाएं। क्रिएटिविटी से दिमाग व्यस्त रहता है और नकारात्मक विचार कम होते हैं।

योग से शरीर को मोड़ें और बैलेंस करें (बेंड एंड बैलेंस): रोजाना योगासन करें। योग शरीर को लचीला बनाता है, तनाव कम करता है और मन को शांत रखता है। इससे नींद भी अच्छी आती है।

कम से कम 8 घंटे की नींद लें (बेड टाइम): अच्छी नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें। स्क्रीन टाइम कम करें ताकि नींद प्रभावित न हो।

सकारात्मक सोच में विश्वास रखें (बिलीव इन पॉजिटिव थिंकिंग): हर दिन कुछ अच्छी बातें सोचें, कृतज्ञता लिखें या सकारात्मक लोगों से बात करें या उनसे अपने विचार साझा करें। नकारात्मक विचारों को चुनौती दें और खुद को लेकर अच्छी और पॉजिटिव सोच रखें।