रांची, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने एमएमडीआर एक्ट, झारखंड को तीन महीने में नक्सल-मुक्त बनाने के लक्ष्य और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर प्रतिक्रिया दी।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए एमएमडीआर एक्ट को लेकर प्रतुल शाहदेव ने कहा, “देश संविधान, कानून और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चलता है। यह साफ हो गया है कि मेजर मिनरल केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि जिस दिन केंद्र या सदन कानून बना लेगा, तो राज्य सरकार का शेष लेने का अधिकार समाप्त हो जाएगा।”
उन्होंने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सब कुछ हुआ और सदन ने कानून बना लिया। अब इस पर झामुमो को मिर्ची लग रही है। उनको राजस्व के नुकसान से लेना-देना नहीं है। एमएमडीआर एक्ट में अवैध खनन के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं। झारखंड में एक समांतर इकोनॉमी खड़ी हो गई है, जो अवैध खनन से है। अवैध खनन ने यहां पर संस्थागत रूप ले लिया है। राज्य सरकार से हमारा यही कहना है कि इसमें उनके पास कोई विकल्प नहीं है। अगर उनको विकल्प देखना है तो सर्वोच्च न्यायालय जाएं।”
झारखंड को तीन महीने में नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर प्रतुल शाहदेव ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और अमित शाह के मार्गदर्शन में जो नक्सलियों के खिलाफ उन्मूलन का अभियान चल रहा था, 31 मार्च का टारगेट दिया गया था। दंतेवाड़ा और बस्तर जैसी जगहों पर पूर्ण रूप से अमन-चैन स्थापित हो गया है। झारखंड पुलिस की ओर से इन सभी बचे-खुचे नक्सली कमांडरों को न्यूट्रलाइज करने का कदम उठाया गया है, हम इसका स्वागत करते हैं।”
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा, “सीजीएल प्रवेश परीक्षा अनूठी थी, छात्रों की ओर से पेपर लीक के आरोप लगाए गए तो राज्य सरकार इनकार करने के मूड में थी। छात्रों के आंदोलन के दबाव में इन लोगों ने सीआईडी जांच के आदेश दे दिए। सीआईडी की ओर से जांच को लेकर कहा गया कि पेपर लीक का कोई मामला नहीं है। डेढ़ वर्ष बाद उसी मामले में सीआईडी की ओर से कहा जा रहा है कि बड़ा पेपर लीक का मामला था। सीआईडी का रंग कैसे बदल गया। लाखों छात्रों के सपनों को चकनाचूर किया गया।
