रांची, 2 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का बचाव करते हुए विपक्ष की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने वादों पर कायम रहती है और परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, सरकार अपने निर्णयों से पीछे नहीं हटती।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने छात्रों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली की सड़कों पर हुए हंगामे के दौरान छात्रों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया था। पुलिस की ओर से बहुत कम बल प्रयोग किए जाने के बावजूद कई छात्र घायल हुए। उस समय सरकार ने स्पष्ट किया था कि छात्रों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में संविधान के तहत अदालत की असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पांच राज्यों में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का अनुरोध किया था।
देश की आर्थिक विकास दर को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा प्रवक्ता ने वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। वहीं, खाड़ी क्षेत्र में लगातार अस्थिरता बनी हुई है जबकि ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि कई देशों के बीच तनाव की स्थिति है और अमेरिका तथा ब्रिटेन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर भी दबाव में है। ऐसे वैश्विक माहौल में भारत के आर्थिक प्रदर्शन का आकलन किया जाना चाहिए।
एसआईआर को लेकर राहुल गांधी और विपक्ष के आरोपों पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह चुनाव आयोग द्वारा संविधान से प्राप्त शक्तियों के तहत संचालित संवैधानिक प्रक्रिया है। ड्राफ्ट सूची जारी की गई है और जिन लोगों को आपत्ति है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी से बिहार में लगाए गए कथित वोट चोरी और मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने के आरोपों को लेकर सवाल किया कि वास्तव में कितने लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। शाहदेव ने घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले लोग कौन हैं।
प्रतुल शाहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दुनिया मोदी के नेतृत्व का सम्मान करती है और इसके पीछे उनकी दूरदर्शी सोच है। एससीओ की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह रोटेशन व्यवस्था के तहत हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को पनाह देने और सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए।
