मुजफ्फरपुर, 25 जून (आईएएनएस)। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पप्पू सहनी के कथित फेक एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार सरकार और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने पहले हुई पप्पू सहनी की मौत को पुलिस ने एनकाउंटर का नाम दे दिया, जबकि यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है।
मुजफ़्फ़रपुर में एक प्रेस वार्ता में सहनी ने कहा कि मृतक के खिलाफ पिछले तीन वर्षों में कोई नया आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ था और पुराने मामलों में भी वह जमानत पर था। ऐसे में पुलिस कार्रवाई और कथित एनकाउंटर की पूरी कहानी संदेह के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पप्पू सहनी की मौत हुई, लेकिन अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पूर्व मंत्री ने बताया कि 11 मार्च को अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस पर वीआईपी नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। उस समय दो महीने के भीतर रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच समिति की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और न ही किसी जिम्मेदार पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई।
मुकेश सहनी ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, आश्रितों को सरकारी नौकरी और दोषी पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय कर उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने भोजपुर के भरत तिवारी कथित फेक एनकाउंटर मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सामाजिक दबाव और व्यापक जनआक्रोश के बाद रिटायर्ड जज से जांच कराई जा रही है और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।
सहनी ने सवाल किया कि क्या बिहार में गोली भी जाति देखकर मारी जाएगी और न्याय भी जाति देखकर मिलेगा। वीआईपी प्रमुख ने कहा कि अगर पप्पू सहनी हत्याकांड में समय रहते कार्रवाई हुई होती तो बाद की ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकती थी। सहनी ने कहा कि पुलिस को किसी भी व्यक्ति को सीधे गोली मारने का अधिकार नहीं है। अपराधी है तो उसे कानून के तहत सजा दिलाई जाए, लेकिन एनकाउंटर के नाम पर हत्या किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि बिहार में उत्तर प्रदेश जैसा मॉडल नहीं चलेगा, बल्कि ऐसा बिहार मॉडल चाहिए, जहां सभी जाति और धर्म के लोग सम्मान के साथ जी सकें। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पप्पू सहनी हत्याकांड में एक महीने के भीतर न्याय नहीं मिला तो वीआईपी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन, चक्का जाम और लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध करेगी। साथ ही सरकार से प्रशासन पर अंकुश लगाने और फेक एनकाउंटर की घटनाओं पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

