मुकुंदपुर नाला हादसा: एमसीडी की लापरवाही पर सियासत तेज, ‘आप’ विधायक संजीव झा ने उठाए सवाल

0
6

नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली के मुकुंदपुर पार्ट-2 इलाके में खुले नाले में गिरकर दो साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने बुधवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस घटना के लिए भाजपा शासित नगर निगम (एमसीडी) को जिम्मेदार ठहराया।

संजीव ने इस हादसे को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताते हुए कहा कि जिस नाले में गिरकर बच्ची की जान गई, वह एमसीडी के अधीन आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष ही बाढ़ एवं सिंचाई विभाग द्वारा नाले को एमसीडी को सौंप दिया गया था, बावजूद इसके निगम ने नाले को ढकने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।

‘आप’ विधायक के मुताबिक, यह साफ तौर पर निगम की लापरवाही है, जिसकी कीमत एक मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। उन्‍होंने बताया कि 30 जुलाई 2025 को बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने पत्र लिखकर नाले के हस्तांतरण की जानकारी दी थी। इससे पहले 6 जुलाई को नाले की सफाई भी कराई गई थी। ऐसे में यह एमसीडी की जिम्मेदारी थी कि वह नाले की नियमित सफाई सुनिश्चित करे और खुले हिस्सों को ढकवाए।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद कई बार इस संबंध में संबंधित विभागों को पत्र और फोन के माध्यम से आगाह किया था कि नाला खुला है और इससे हादसा हो सकता है, लेकिन उनकी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। संजीव झा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के अभियंता पर कार्रवाई किए जाने पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में उस विभाग की कोई भूमिका है तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी एमसीडी की बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निगम के अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जो समझ से परे है। इस घटना को लेकर झा ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर भी चिंता जताई।

संजीव ने कहा कि भाजपा के स्थानीय पार्षद, जो उसी जोन के चेयरमैन भी हैं, अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं। इलाके में साफ-सफाई की स्थिति खराब है और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाते हैं।

‘आप’ विधायक ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कार्रवाई से परिवार के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, इसलिए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।

संजीव झा ने बताया कि उन्होंने बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को पुनः पत्र लिखकर नाले को ढकने का अनुरोध किया है। विभाग की ओर से आश्वासन मिला है कि चार से पांच दिनों में नाले को ढक दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से भविष्य में हादसों को रोका जा सकता है, लेकिन जो नुकसान हो चुका है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।