मुंबई, 12 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई के कुर्ला (पश्चिम) के अशोक नगर, टेकड़ी क्रमांक 3 पर बुधवार की सुबह भूस्खलन हो गया। इस दुर्घटना में पहाड़ी ढलान से मिट्टी और मलबे का कुछ हिस्सा चॉल में स्थित दो से तीन घरों पर गिर गया, जिससे जान-माल की हानि हुई है। इस हादसे में अभी तक 4 लोगों की मौत होने की पुष्टि मुंबई पुलिस ने की है। वहीं, कुछ लोग घायल है। मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम जारी है। मुंबई की महापौर ने मृतकों और घायलों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई की महापौर रितू तावडे ने तुरंत घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्य का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया, साथ ही पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और उन्हें धैर्य बंधाया। उन्होंने मौके पर मौजूद सभी एजेंसियों को राहत कार्य तेज गति से और बेहतर समन्वय के साथ करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर प्रभाग समिति अध्यक्ष विजयेंद्र शिंदे, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे, एल विभाग के सहायक आयुक्त (प्रभारी) अनिल जाधव और संबंधित अधिकारी उपस्थित हैं।
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता और घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को चिकित्सा उपचार के लिए 50 हजार रुपये की चिकित्सा सहायता देने की घोषणा महापौर रितू तावडे ने की है।
बीएमसी ने बताया कि दुर्घटनास्थल और वहां तक पहुंचने का रास्ता इतना संकरा है, जिसकी वजह से वहां केवल एक व्यक्ति ही जा सकता है। घटनास्थल पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक, मुंबई अग्निशमन दल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस, एंबुलेंस और अन्य सभी एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही हैं। प्रशासन बचाव कार्य और पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
अभी तक दो मृतकों की पहचान हुई है, जिनके नाम साहिल अंसारी (28) और मोहम्मद समीर (14) हैं। इसके अलावा घायल सोहेल अंसारी (18 साल) और मोहम्मद अंसारी (14) का इलाज चल रहा है।
भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के चश्मदीद गवाह सचिन कांबले ने आईएएनएस से कहा, “जहां मैं रहता हूं, वहां पहाड़ गिरने की सूचना कुछ लोगों ने मुझे दी। जानकारी मिलते ही दोस्तों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। हमने देखा कि मलबे में 10 लोग फंसे हुए हैं। हम लोगों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर 4 लोगों को तुरंत बाहर निकाला, जिनमें दो लोगों की मौत हो चुकी थी और दो लोग घायल थे। घायलों को राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया। मलबे के नीचे अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं। बीएमसी बहुत बड़े पैमाने पर बचाव कार्य कर रही है और पुलिस का अमला भी मौजूद है।”

