मुंबई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई के साकीनाका इलाके में खैरानी रोड पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान असलम इसाक शेख के रूप में हुई है। बीएमसी ने इस मामले में चार अफसरों को निलंबित किया है।
यह हादसा उस समय हुआ जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका का सीवेज ऑपरेशन विभाग मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का काम कर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ठेकेदार की ओर से सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे, जिससे यह गंभीर लापरवाही सामने आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काम के दौरान मैनहोल के चारों ओर न तो बैरिकेड लगाए गए थे और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। इसी दौरान असलम शेख मोबाइल पर बात करते हुए वहां से गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि काम कर रहे कर्मचारियों ने उन्हें आवाज देकर रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे संतुलन खो बैठे और सीधे खुले मैनहोल में गिर गए।
घटना के बाद बीएमसी और मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घटना को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने तत्काल जांच के आदेश दिए और प्रारंभिक रूप से लापरवाही मानते हुए ‘एल’ विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में असिस्टेंट कमिश्नर धनाजी हेर्लेकर, असिस्टेंट इंजीनियर दीपक चौगुले, जूनियर इंजीनियर अभिजीत चौगुले और सीवेज ऑपरेशन के असिस्टेंट इंजीनियर उत्तम पाटील शामिल हैं।
इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
महापौर रितू तावडे ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
बीएमसी ने यह भी निर्देश दिया है कि अगले 8 दिनों में पूरे मुंबई के सभी मैनहोल की 100 प्रतिशत सुरक्षा जांच (सेफ्टी ऑडिट) की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में साफ हुआ है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

