मुंबई में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के दफ्तर एक ही परिसर में लाने की तैयारी, पीयूष गोयल ने पेश किया विजन

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मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में मंत्रालय से जुड़े लगभग सभी कार्यालयों और संस्थाओं को एक ही परिसर में लाने की बड़ी योजना पेश की है। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासन अधिक नागरिक और कारोबार हितैषी बनेगा।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के विजन के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को सरकारी कामकाज के दौरान आसानी और सुविधा मिलनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि मुंबई में मंत्रालय से जुड़ी 12 अलग-अलग संस्थाओं के 20 कार्यालय विभिन्न स्थानों पर फैले हुए हैं, जो करोड़ों रुपए की प्रीमियम जमीन और बड़े कार्यालय क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। नई योजना के तहत इन कार्यालयों को जहां संभव होगा, एकीकृत केंद्रीय हब में लाया जाएगा। हालांकि, कुछ संस्थाएं अलग स्थानों पर ही काम करती रहेंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस एकीकृत हब में आधुनिक ऑडियो-वीडियो सुविधाएं होंगी और इसके जरिए मंत्रालय की 46 अलग-अलग संस्थाओं से जुड़ना आसान होगा। जिन संस्थाओं के मुंबई में कार्यालय नहीं हैं, जैसे स्पाइसेज बोर्ड, उनकी सेवाएं भी इस सिस्टम के जरिए उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से आम नागरिकों और कारोबारियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हब में तैनात कर्मचारी लोगों की जरूरतों का तुरंत समाधान करेंगे। इससे प्रशासनिक खर्च कम होगा, कामकाज की उत्पादकता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करेगा। दफ्तरों के एक स्थान पर आने से ऊर्जा की बचत होगी, ईंधन की खपत कम होगी और लोगों व अधिकारियों की अनावश्यक यात्राएं घटेंगी।

उन्होंने बताया कि भारत के निर्यात प्रोत्साहन मिशन भी इन्हीं एकीकृत कार्यालयों से संचालित होंगे। सरकार का लक्ष्य इस साल 1 ट्रिलियन डॉलर और वर्ष 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करना है।