Sunday, August 2, 2026
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मुसलमानों ने बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन को कभी स्वीकार नहीं किया: मौलाना साजिद रशीदी

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नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने केंद्र सरकार की अभिव्यक्ति की आजादी के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उनके बयान के बाद ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का दावा है कि मुसलमानों ने कभी तसलीमा नसरीन को स्वीकार नहीं किया।

कोलकाता में तसलीमा नसरीन ने कहा कि अलग-अलग सरकारों के दौरान उनके साथ अलग-अलग तरह का व्यवहार हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें भारत आने की अनुमति दी। साथ ही, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों पर चिंता जताते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा समाधान बताया।

प्रसिद्ध लेखिका के बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि तसलीमा नसरीन एक ऐसी लेखिका हैं, जो हमेशा विवादों में रही हैं। पैगंबर मोहम्मद और धर्म से जुड़ी अन्य बातों पर टिप्पणियों के कारण उन्हें देश से बाहर रहना पड़ा है। लेकिन अगर वह कहती हैं कि यूनुस सरकार नाकाम रही तो वह बांग्लादेश क्यों नहीं जाती। उन्हें वहां जाकर बदलाव लाने की कोशिश करनी चाहिए। वह तो अब तक खुद में भी सुधार नहीं कर पाई हैं। मुसलमानों ने इन्हें कभी स्वीकार नहीं किया। मैं पीएम मोदी से अपील करूंगा कि उन्हें देश में न रहने दिया जाए। इसने मुसलमानों की भावनाओं को बहुत हर्ट किया है। वह बहुत ही विवादित लेखिका हैं। इनकी कही बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता है।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि यह उनका निजी बयान है, उनकी निजी राय है। देखिए, चाहे मदरसा हो, स्कूल हो, संस्कृत विद्यालय हो, या कोई और संस्थान, ऐसे संस्थानों को चलाने वाले बच्चों को शिक्षा देने की कोशिश करते हैं। सरकार के पास इतने साधन नहीं हैं कि देश के सभी बच्चों को शिक्षा मुहैया करा पाए।

टीएमसी के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा कि विपक्षी पार्टियां अक्सर आरोप लगाती हैं कि भाजपा धर्मनिरपेक्ष नहीं है, इस्लाम-विरोधी है और दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करती है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में तसलीमा नसरीन का दौरा इसके उलट बात साबित करता है। भाजपा सरकार ने पूरे सम्मान के साथ उनका स्वागत किया है। इससे बड़ा सेक्युलरिज्म का उदाहरण क्या हो सकता है? टीएमसी ने 15 साल तक उन्हें नहीं आने दिया। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया।

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि हमारे अपने देश में कई मुद्दे हैं। बेहतर होगा कि हम पहले उन पर चर्चा करें और उन्हें सुलझाने पर ध्यान दें।