बीजिंग, 7 जून (आईएएनएस)। लाओस की जन क्रांतिकारी पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव, राष्ट्रपति थोंग्लौन सिसोउलिथ ने 2 से 6 जून तक चीन की राजकीय यात्रा की। चीन, लाओस और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने यात्रा की उपलब्धियों की प्रशंसा की।
यात्रा के दौरान दोनों पार्टियों और दोनों देशों के सर्वोच्च नेताओं ने चीन-लाओस संबंधों को बढ़ाकर नए युग में सभी मौसमों के अनुरूप चीन-लाओस साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करने पर सहमति कायम की। यात्रा से दोनों देशों के बीच पारंपरिक मित्रता मजबूत हुआ और विभिन्न क्षेत्रों में आपसी लाभ वाले सहयोग का विस्तार हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि थोंग्लौन की चीन यात्रा से नए ऐतिहासिक शुरुआती बिंदु पर दोनों पार्टियों और दोनों देशों के बीच संबंधों के विकास का नया खाका तैयार किया गया। इससे चीन-लाओस संबंध और विभिन्न विशेषता वाले आधुनिकीकरण कार्य नए चरण में प्रविष्ट होंगे।
इस साल चीन-लाओस राजनयिक संबंधों की स्थापना की 65वीं वर्षगांठ है और चीन-लाओस मित्रवत वर्ष भी है। पिछले 65 सालों में चाहे अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में कितना भी बड़ा परिवर्तन क्यों न आया हो, चीन और लाओस के बीच परंपरागत मित्रता हमेशा चट्टान की तरह मजबूत और अटूट है।
अब दुनिया में सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन तेजी से हो रहा है। चीन और लाओस के सामने विकास और पुनरोत्थान का नया मिशन मौजूद है। इस साल चीन में 15वीं पंचवर्षीय योजना और लाओस में 10वीं पंचवर्षीय योजना का पहला साल है। इस कुंजीभूत वर्ष में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने का फैसला किया। यह दुनिया और युग में हो रहे बदलावों के मुकाबले में अनिवार्य विकल्प ही नहीं, दोनों देशों के विकास की मांग से मेल खाता है और दोनों देशों के लोगों की इच्छा के अनुरूप भी है।
पड़ोसी समाजवादी देश होने के रूप में चीन और लाओस मित्रवत वर्ष के मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करेंगे और लोगों के बीच मित्रता बढ़ाएंगे। दोनों देश एक साथ अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता व न्याय की रक्षा करेंगे, समान व व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया तथा समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को प्रोत्साहित करेंगे और अधिक न्यायपूर्ण व उचित वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को बढ़ावा देंगे। यह क्षेत्रीय और विश्व शांति और विकास के लिए लाभदायक होगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

