नैनीताल, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के खूबसूरत शहर नैनीताल में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत नैनीताल आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग अब माल रोड पर वाहन चलाते समय हॉर्न नहीं बजा सकेंगे। यह नियम 1 अगस्त से लागू कर दिया गया है। हालांकि, लोअर माल रोड टूटने से अपर माल रोड पर वाहनों का दबाव बना हुआ है, जिससे आमजनमानस व वाहन इसी रोड से आना-जाना करते हैं। हॉर्न नहीं बजाने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष रमेश जोशी ने बताया कि तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक नो हॉर्न जोन घोषित किया गया है। इससे सबसे अधिक समस्या बुजुर्गों के लिए बनी रहेगी, क्योंकि वो लोग रास्ते पर चलते हैं। बिना हॉर्न के वाहन चलाने पर चालकों के साथ राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। पहले से ही लोअर माल रोड पर कार्य चल रहा है और सारा ट्रैफिक अपर माल रोड पर है। ऐसे में हॉर्न बजाने के बाद लोग सड़क से नहीं हटते हैं। ऐसे में बिना हॉर्न से कैसे हालात बनेंगे, यह जिला प्रशासन को सोचना चाहिए। अगर कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी वाहन चालक की रहती है। ऐसे में चालक क्या कर सकता है, यह नियम नहीं लागू करना चाहिए।
इतिहासकार प्रो. अजय रावत ने बताया कि लोअर माल रोड पर ट्रैफिक नहीं चल रहा है, सारा ट्रैफिक अपर माल रोड पर है, जिससे हादसा होने का खतरा है। नैनीताल शहर में जिस तरह के पर्यटक आ रहें है या गाड़िया ला रहे हैं, उस हिसाब से हॉर्न जरूरी है। जब तक लोअर माल रोड नहीं बन जाता है तब तक यह नियम लागू नहीं होना चाहिए। पर्यटक भी किसी की नहीं सुनते है और लगातार हॉर्न बजाते रहते हैं। लोअर माल रोड ठीक होने के बाद यह नियम लागू किया जाए।
जिला प्रशासन के निर्देश पर लागू की गई इस व्यवस्था के तहत पुलिस वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के साथ ही उल्लंघन करने वालों पर नजर रख रही है। यदि कोई चालक प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न बजाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 21 जुलाई को हुई बैठक में माल रोड को ‘नो हॉर्न जोन’ घोषित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद परिवहन विभाग, पुलिस और नगर पालिका ने संयुक्त रूप से टैक्सी यूनियनों, स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों के बीच अभियान चलाकर नए नियम की जानकारी दी।

