प्रयागराज, 28 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को सरकार पर नौकरियों, आरक्षण, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं कर रही है, आरक्षित वर्गों के अधिकारों का हनन हुआ है और लगातार पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और पेपर लीक मुक्त बनाएगी। प्रयागराज में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
सपा प्रमुख ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को निर्धारित आरक्षण का लाभ नहीं मिला। समाजवादी पार्टी ने ‘पीडीए आरक्षण घोटाला’ बुकलेट जारी कर तथ्यों को सार्वजनिक किया, लेकिन सरकार ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, जिससे युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया।
उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर पेपर लीक या अन्य कारणों से आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की अतिरिक्त आयु सीमा में छूट दी जाएगी। सभी विभागों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी होगा और विज्ञापन, परीक्षा तथा नियुक्ति की समय-सीमा पहले से तय रहेगी। परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा तथा पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई होगी।
अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है और सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की प्राथमिकता ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं बल्कि ‘डोनेशन फर्स्ट’ बन गई है। उन्होंने लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड, प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बढ़ते भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और पीडीए की भागीदारी को मजबूत करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है तथा इंडिया गठबंधन को और मजबूत किया जाएगा।

