नवजात शिशु को नहलाते समय न करें ये गलतियां, जानिए सही तरीका

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। नवजात शिशु की देखभाल अपने आप में बहुत नाजुक और जिम्मेदारी का काम होता है। ऐसे बच्चे का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता, उनकी त्वचा बहुत कोमल होती है और इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। इसलिए उन्हें नहलाते समय थोड़ी सी भी गलती उनके लिए परेशानी बन सकती है।

प्रीमैच्योर बच्चे के लिए पानी हमेशा हल्का गुनगुना होना चाहिए। ज्यादा गर्म पानी से त्वचा जल सकती है और ज्यादा ठंडे पानी से बच्चे को सर्दी-जुकाम का खतरा हो सकता है।

दूसरी गलती होती है बच्चे को ज्यादा देर तक पानी में रखना। ऐसे बच्चों को बहुत देर तक नहलाना ठीक नहीं होता। उनका स्नान बहुत ही जल्दी और धीरे-धीरे होना चाहिए, ताकि उन्हें ठंड न लगे और वे आरामदायक महसूस करें।

तीसरी गलती यह है कि लोग जल्दी-जल्दी या जोर से बच्चे को रगड़ देते हैं। प्रीमैच्योर बच्चे की त्वचा बहुत नाजुक होती है, इसलिए उसे हमेशा बहुत हल्के हाथों से साफ करना चाहिए। रगड़ने से उनकी त्वचा पर लालपन या जलन हो सकती है।

एक और आम गलती है गलत साबुन या केमिकल वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल। ऐसे बच्चों के लिए मजबूत खुशबू वाले साबुन या बॉडी वॉश नुकसानदायक हो सकते हैं। बेहतर है कि डॉक्टर की सलाह से ही कोई हल्का और सुरक्षित क्लीनिंग एजेंट इस्तेमाल किया जाए या फिर सिर्फ पानी और मुलायम कपड़े से सफाई की जाए।

इसके अलावा, कई लोग बच्चे को नहलाते समय कमरे के तापमान का ध्यान नहीं रखते। ठंडी हवा या एसी वाले कमरे में नहलाने से बच्चा जल्दी ठंड से प्रभावित हो सकता है। इसलिए हमेशा ऐसा कमरा चुनें जहां तापमान सामान्य और आरामदायक हो।

सबसे जरूरी बात यह है कि प्रीमैच्योर बच्चे को हर दिन सीधे नहलाना हमेशा जरूरी नहीं होता। कई बार डॉक्टर ऐसे बच्चों को स्पंजिंग यानी हल्के गीले कपड़े से साफ करने की सलाह देते हैं। इससे बच्चा साफ भी रहता है और उसे ठंड लगने या शरीर का तापमान गिरने का खतरा भी नहीं रहता।