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नवरात्र के पहले दिन सूरत के 400 साल पुराने अंबाजी मंदिर में पहुंची भक्तों की भीड़, शिवाजी महाराज से जुड़ा है इतिहास

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सूरत, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के पहले दिन आज रविवार को सूरत के ऐतिहासिक गोपीपुरा इलाके में स्थित पौराणिक अंबाजी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां अंबा के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। नवरात्रि के पहले दिन मां की प्रातःकालीन मंगला में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

लगभग 400 साल पुराने इस प्राचीन मंदिर के प्रति सूरत के लोगों की अटूट आस्था है। मंदिर के मुख्य पुजारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पौराणिक मंदिर का इतिहास मुगलों के काल से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि उस कालखंड में मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज भी मां के दर्शन के लिए इस मंदिर में आए थे, जो इस स्थान के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को और अधिक बढ़ा देता है।

पुजारी जितेंद्र भारती गोस्वामी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “मैं पिछले 60 साल से अम्बाजी मंदिर में सेवा कार्य में रहता हूं। यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है। यहां शिवाजी महाराज भी आए थे। वे यहां दर्शन करके जाते थे। महात्मा गांधी ने भी इस मंदिर में दर्शन किए थे।” उन्होंने कहा कि नवरात्र पर सुबह 4 बजे से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे हैं।

नवरात्रि के पहले दिन मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह नजर आया। भक्तों ने बताया कि इस पवित्र मंदिर में आने से उन्हें एक अलग ही मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। सुबह से ही ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा गोपीपुरा इलाका गूंज उठा।

श्रद्धालु कपिल मुकातिवाला ने आईएएनएस से कहा, “मैं पिछले एक साल से अम्बाजी मंदिर में आ रहा हूं। नवरात्र के उपवास भी रखता हूं और पिछले 7-8 साल से माता रानी की उपासना कर रहा हूं। हम लोग यहां अम्बाजी मंदिर में आरती में शामिल हुए हैं। आरती में शामिल कर हमें बहुत शांति मिलती है।”

मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं उन्नति जरीवाला ने कहा कि मातारानी को लेकर हमारे मन में बहुत श्रद्धाभाव है। यहां अंबाजी मंदिर में माताजी को देखकर ही आंखों में आंसू आ जाते हैं, क्योंकि यहां मंदिर के आसपास का वातावरण भी ऐसा है। यहां जब लोग पहुंचते हैं तो वे पूरे भक्तिमय हो जाते हैं।

वृंदा पटेल ने कहा, “मैं पिछले 11 साल से नवरात्र का व्रत कर रही हूं। मैं बहुत खुश हूं और इसलिए भी खुश हूं कि मैं एक हिंदू हूं और माता रानी की शरण में हूं। इस मंदिर के साथ मेरा रिश्ता बहुत पुराना है।”

सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी भक्त सुगमता से मां के दर्शन कर सकें।