नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पारित न होने पर एनडीए के नेताओं ने विपक्ष पर महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ये शुरू से आदत रही है, इसमें कुछ नया नहीं है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा पिछले 40 वर्षों से लंबित था, लेकिन कांग्रेस और अन्य दलों ने इसे कभी गंभीरता से हल करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इंडी गठबंधन’ की पार्टियां महिलाओं को आरक्षण से वंचित रखना चाहती हैं। यह साफ नहीं है कि दक्षिण भारत में डीएमके या उसके सदस्यों को क्या हो गया, जबकि प्रधानमंत्री ने एक ऐसा फॉर्मूला पेश किया था जिससे यह सुनिश्चित होता कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी।”
वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “देश और प्रदेश की महिलाएं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगी। विपक्षी दलों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। विपक्षी दलों के पास कहने को कुछ नहीं है। वे सिर्फ बेमतलब की बयानबाजी करके गुमराह करना चाहते हैं लेकिन देश की महिलाएं और जनता सच्चाई को अच्छी तरह समझते हैं। देश और प्रदेश की महिलाएं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगी। विपक्षी दलों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “प्रधानमंत्री का उद्देश्य यह था कि महिलाओं को संविधान में आरक्षण मिले, जैसा कि बाबासाहेब डॉ. बीआर अंबेडकर ने परिकल्पना की थी, जिससे आधी आबादी की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके। हालांकि, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक को 40 वर्षों तक लंबित रखा, और इस तरह बिना मंज़ूरी के इसे प्रभावी रूप से टालते रहे।”

