पटना, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन और प्रस्तावित इंडी गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों, चुनावी प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति को लेकर सवाल उठाए।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि संगठन को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद उसने दिल्ली और देश में अशांति फैलाने तथा अस्थिरता पैदा करने के इरादे से गैरकानूनी प्रदर्शन करने की कोशिश की। अधिकारियों ने विदेशी स्रोतों से प्रायोजित और वित्तपोषित गतिविधियों को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं।
नवरात्रि के पहले दिन रामकृपाल यादव ने मां दुर्गा से देश और सभी लोगों पर आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने सीजेपी और गड़बड़ी पैदा करने वालों, विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सद्बुद्धि देने की कामना की। इंडी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि गठबंधन के नेता नाकाम रहे हैं और जनता ने उन्हें नकार दिया है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को अगले पांच वर्षों तक इंतजार करने की सलाह दी।
रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस पूरे घटनाक्रम में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जो देश, उनके अपने हितों और कांग्रेस संगठन के लिए उचित नहीं है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और सत्ता में वापसी के सपने देखने के बजाय जनता के फैसले का सम्मान करने की अपील की।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने का अधिकार सभी को है लेकिन अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी से जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सबूत मांगे हैं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी प्रतिनिधिमंडल से उपलब्ध साक्ष्य पेश करने को कहा है। राजीव रंजन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव में जीत मिलने पर चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हार के बाद चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं। राजीव रंजन ने कांग्रेस सांसद एवं प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन शोषण के आरोपों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मामले में राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा मामला भाजपा या एनडीए के किसी नेता से जुड़ा होता, तो राहुल गांधी की प्रतिक्रिया अलग होती।
