द हेग, 16 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रवासी भारतीयों से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास और परिवर्तन के नए दौर से गुजर रहा है और दुनिया की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के स्वागत से अभिभूत होकर कहा कि नीदरलैंड्स में बसे भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच मित्रता के जीवंत सेतु के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने डच समाज में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका भारत से ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव बेहद गहरा है। उन्होंने समुदाय द्वारा अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को पीढ़ियों तक सहेजकर रखने के प्रयासों की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय पेशेवर और डच विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्र भारत-नीदरलैंड्स संबंधों को नई मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट और हॉकी जैसे खेलों के जरिए दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और अधिक प्रगाढ़ हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार इसके प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नीदरलैंड्स यूरोप में भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में शामिल है और भारत के प्रमुख निवेश साझेदारों में से एक है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणाली जैसे क्षेत्रों में तेज गति से परिवर्तन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य गढ़ रहा है और वैश्विक समृद्धि में भी योगदान दे रहा है।
पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भरोसा दिलाया कि विदेश में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के कल्याण के लिए भारत सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड्स में रहने वाले भारतीय अपने अनुभव और विशेषज्ञता के जरिए ‘विकसित भारत’ अभियान को नई दिशा दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि नीदरलैंड्स मुख्यभूमि यूरोप में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। यहां लगभग दो लाख सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लिए ओसीआई पात्रता को चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक किए जाने का भी उल्लेख किया।

