पटना, 20 जुलाई (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन और नीटT परीक्षा विवाद को लेकर जेडीयू के नेताओं ने सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में केंद्र ने तुरंत कार्रवाई की और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं।
जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सरकार ने नीट से जुड़े विवाद को छिपाने की कोशिश नहीं की बल्कि मामला सामने आने के बाद जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
संजय कुमार झा ने कहा कि जब नीट पेपर लीक का मामला सामने आया था, तब सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा इसे बेहतर व्यवस्था के साथ आयोजित कराया। किसी भी व्यवस्था में कोई घटना हो सकती है, लेकिन इसमें शामिल लोगों को पकड़ना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। बिहार में भी कुछ लोगों के नाम सामने आए थे और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जेडीयू सांसद ने कहा कि सरकार भविष्य में परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से मुद्दों को उठाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
संसद के मानसून सत्र को लेकर भी संजय कुमार झा ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर चर्चा करनी है तो उसे संसद के अंदर उठाया जाना चाहिए। विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा जरूरी है और पूरे सदन को बाधित करना उचित नहीं है।
उन्होंने पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना की। झा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट के बावजूद भारत में एलपीजी और ईंधन की स्थिति को नियंत्रित रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाए हैं।
वहीं, पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नीट मामले की जांच जारी है और इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन अब तक की कार्रवाई से स्पष्ट है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राजीव रंजन प्रसाद ने राम मंदिर दान राशि से जुड़े कथित मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार और संबंधित संस्थाओं ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है। वहां भी जांच एजेंसी गठित की गई, आरोपियों पर कार्रवाई हुई और व्यवस्था में सुधार के कदम उठाए गए।

