नीट पेपर लीक मामले में एसओजी की रडार पर मास्टमाइंड, मां बोली-कुछ लोग हमारे बच्चों से जलते हैं

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जयपुर, 14 मई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड मांगीलाल और दिनेश बिनवाल स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की रडार पर हैं। एसओजी उनकी दौलत, पॉलिटिकल कनेक्शन और फाइनेंशियल लेन-देन की जांच कर रहा है, जबकि रिश्तेदारों का कहना है कि वे बेगुनाह हैं और सिर्फ रियल एस्टेट बिजनेस में शामिल रहे हैं, किसी एग्जामिनेशन रैकेट में नहीं।

6 नवंबर, 2025 को एक सोशल मीडिया पोस्ट में दिनेश बिनवाल ने इसे गर्व की बात बताया कि परिवार के पांच बच्चों को नीट के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिला है।

परिवार वालों ने बताया कि दिनेश के स्वर्गीय बड़े भाई घनश्याम खटीक की दो बेटियों ने नीट-2024 पास किया था, जबकि उसी परिवार की एक और बेटी और दिनेश बिनवाल के बेटे ने 2025 में नीट पास किया था, हालांकि परिवार वालों ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताए गए पांचवें कैंडिडेट की पहचान बताने से मना कर दिया।

जांच करने वालों को शक है कि मांगीलाल के बेटे, जिसने इस साल नीट-2026 दिया था, को भी लीक हुए क्वेश्चन पेपर का एक्सेस मिला होगा।

राजस्थान नीट-2026 पेपर लीक जांच में अब कथित मास्टरमाइंड मांगीलाल बिनवाल और दिनेश बिनवाल जांच के दायरे में आ गए हैं। जांच करने वालों ने भाइयों पर पूरे राज्य में लीक हुए पेपर को बांटने का आरोप लगाया है।

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) के सूत्रों के मुताबिक, भाइयों ने कथित तौर पर 30 लाख रुपए एडवांस देकर परीक्षा से लगभग एक हफ्ते पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से पेपर हासिल किया था। जांच करने वालों का मानना ​​है कि लीक हुआ पेपर पूरे राजस्थान में 1,000 से ज्यादा कैंडिडेट्स के बीच बांटा गया होगा।

एसओजी अब आरोपी भाइयों के फाइनेंशियल बैकग्राउंड, पॉलिटिकल कनेक्शन और बिजनेस एक्टिविटीज की जांच कर रही है। मांगीलाल बिनवाल और दिनेश बिनवाल जयपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ तहसील के रहने वाले हैं, जहां वे अपने बड़े परिवार के साथ करीब 2,000 स्क्वायर यार्ड में बने एक बड़े फार्महाउस में रहते हैं। एसओजी ने नीट पेपर लीक केस से जुड़े इंटेलिजेंस इनपुट के बाद 9 मई को दोनों को गिरफ्तार किया था। उनका फार्महाउस जमवा रामगढ़ पुलिस स्टेशन से मुश्किल से एक किलोमीटर दूर है और लोकल लोग भाइयों को उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जानते हैं।

आरोपी भाइयों ने कथित तौर पर दावा किया है कि जांच में असरदार लोगों को बचाया जा रहा है। वहीं, जांच करने वालों का आरोप है कि मांगीलाल और दिनेश बिनवाल ने गुरुग्राम से लीक हुआ नीट पेपर खरीदा और पूरे राजस्थान में सैकड़ों कैंडिडेट्स को बांटा।

मांगीलाल की पत्नी सोनू ने पेपर लीक रैकेट में अपने पति के किसी भी तरह के शामिल होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मेरे पति प्रॉपर्टी का बिजनेस करते हैं। वह लीक हुए एग्जाम पेपर नहीं खरीदते हैं और कहा कि उन्हें चल रही जांच के बारे में बहुत कम जानकारी है।

भाइयों की मां प्रभु देवी ने इस मामले को अपने बेटों के खिलाफ एक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे बच्चों से जलते हैं, क्योंकि वे इंटेलिजेंट और सफल हैं। अगर हम ऐसी एक्टिविटीज में शामिल होते, तो क्या हम अभी इन मुश्किलों में जी रहे होते।

जब उनसे पूछा गया कि उनके हिसाब से परिवार को कौन टारगेट कर रहा है, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन दोहराया कि दूसरे लोग परिवार की सफलता से जलते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसओजी ने कथित पेपर लीक के बारे में इंटेलिजेंस इनपुट मिलने के बाद जयपुर, जयपुर रूरल, सीकर और झुंझुनू में छापे मारे।

पूछताछ के दौरान, जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर एक नीट कैंडिडेट की पहचान की, जिस पर कई दूसरे कैंडिडेट्स के साथ लीक हुआ पेपर सर्कुलेट करने का आरोप था। कहा जाता है कि कैंडिडेट ने अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश का नाम लिया, जिसके बाद आखिरकार भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया।