नीट पुनर्परीक्षा पर एनडीए के नेताओ ने पारदर्शिता का दिया भरोसा, कहा-पारदर्शी परीक्षाएं कराना सरकार की प्राथमिकता

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नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। नीट यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रियों ने छात्रों के हितों की रक्षा तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराना मोदी सरकार की प्राथमिकता है।

यूपी के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “युवाओं के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो, इसके लिए सरकार लगातार पारदर्शी व्यवस्था लागू कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के भविष्य पर किसी भी तरह का संकट न आए।”

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं को मजबूत करना और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है।

नीट परीक्षा रद्द होने के मामले पर बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “सरकार 22 से 25 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है। यह तारीख इसलिए तय की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी परीक्षाएं जल्द से जल्द आयोजित हों। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि छात्रों को आगे किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े; यही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।”

बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की है कि नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी और इसकी नई तारीख 21 जून 2026 तय की गई है। यह फैसला भारत सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है।

इस फैसले के बाद करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों को थोड़ी राहत मिली है, जो पिछले कुछ समय से अनिश्चितता में थे। छात्रों और अभिभावकों से एनटीए ने साफ तौर पर अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें। इसके लिए एजेंसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी तरह की गलत जानकारी से बचा जा सके।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, “नीट (यूजी) 2026 परीक्षा तिथि की घोषणा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की स्वीकृति से नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को दोबारा रविवार 21 जून को आयोजित करने का निर्णय लिया है।”