नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। नीट (यूजी) की दोबारा परीक्षा और उससे जुड़ी तैयारियों को लेकर राजनीतिक बयान सामने आए हैं। परीक्षा में पारदर्शिता और नकल रोकने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य स्तर के नेताओं ने सरकार की व्यवस्थाओं और सख्ती को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या शिकायत की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को साफ-सुथरा रखने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।
इसी विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार परीक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद संवेदनशील है। नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सरकार पूरी तरह से सतर्क है। परीक्षा देने जा रहे छात्रों को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि सिस्टम को अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम जारी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने एनटीए द्वारा आयोजित देशव्यापी मेगा मॉक ड्रिल को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान यही है कि परीक्षाएं और उनके परिणाम निष्पक्ष तरीके से हों। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि नीट-यूजी 2026 के री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शनिवार को देशव्यापी मॉक ड्रिल शुरू की। यह विशेष अभ्यास रविवार, 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
सुबह 9 बजे शुरू हुई यह मॉक ड्रिल देर शाम तक जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास में देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। सभी निर्धारित परीक्षा केंद्र पहले ही एनटीए के नियंत्रण में सौंप दिए गए हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार हर केंद्र पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसका मकसद किसी भी तरह की गड़बड़ी, नकल या पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत अर्धसैनिक बलों के जवान प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन, भंडारण और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई है।

