नीट-यूजी पेपर लीक पर चुप्पी तोड़े सरकार, विपक्ष छात्रों के साथ : आनंद दुबे

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मुंबई, 13 मई (आईएएनएस)। नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने बुधवार को सरकार पर निशाना साधा।

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने आईएएनएस से बात करते हुए नीट पेपर लीक के आरोपों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पेपर लीक हुए तो छात्रों में भारी निराशा फैल गई। बड़ी संख्या में छात्रों ने इस परीक्षा के लिए साल भर कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब अधिकारियों की ओर से पूरी चुप्पी छाई हुई है। विपक्ष अपनी आवाज उठा रहा है और छात्रों के साथ खड़ा है।”

उन्होंने कहा, “नीट-यूजी पेपर लीक से सभी दुखी हैं। 22 लाख विद्यार्थियों ने इसकी तैयारी की थी, कोई डॉक्टर बनता तो कोई मेडिकल में बड़ा नाम कमाता। पेपर लीक पूरी तरह से एनटीए की असफलता है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस पर पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है, वो कुछ बोल ही नहीं रहे हैं। ऐसा लगता है कि उनके मुंह में दही जम गई है। कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। सरकार बच्चों के खिलाफ खड़ी है।”

दुबे ने यह भी याद दिलाया कि पेपर लीक की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। उन्होंने केंद्र और संबंधित परीक्षा एजेंसियों से पारदर्शी जांच करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ को गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।

दिवंगत समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन पर आनंद दुबे ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “ईश्वर इस कठिन समय में उनके परिवार को शक्ति प्रदान करे और उनकी आत्मा को शांति मिले। प्रतीक यादव अपनी फिटनेस और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक थे। उन्हें सोशल मीडिया पर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते हुए देखा जाता था। उनका अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए बड़ा सदमा है।”

उन्होंने तमिलनाडु की टीवीके सरकार को लेकर कहा, “टीवीके सरकार के पास अपना बहुमत है और विजय ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। टीवीके ने खुद 108 सीटें जीती हैं, जिनमें से विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। अगर वह एक सीट से इस्तीफा दे देते हैं, तो यह संख्या 107 हो जाएगी। इसके बावजूद टीवीके सरकार के पास अब भी स्पष्ट बहुमत है और वह जनादेश के साथ सत्ता में बनी हुई है।”