Thursday, July 9, 2026
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न्यूजीलैंड में पीएम मोदी के स्वागत में ‘किया ओरा मोदी’ का होगा आयोजन, एफटीए के बाद व्यापार, निवेश और शिक्षा पर रहेगा फोकस

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ऑकलैंड, 9 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते के ऐलान के बाद पीएम मोदी के इस दौरे को बेहद खास माना जा रहा है। इस मौके पर भारतीय समुदाय ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी ने कहा, “ऑकलैंड में, यह दौरा न्यूजीलैंड सरकार के साथ द्विपक्षीय बातचीत से शुरू होगा। इसके बाद एक बिजनेस इवेंट और फिर एक स्पोर्टिंग इवेंट होगा। मैं इस समय ज्यादा डिटेल्स शेयर नहीं करना चाहूंगी, लेकिन ये मुख्य बातें हैं। इस दौरे में भारतीय समुदाय के साथ एक सामुदायिक कार्यक्रम भी शामिल होगा।”

ऑकलैंड में भारत के पूर्व कॉन्सुल भाव ढिल्लों ने कहा, “प्रधानमंत्री सिर्फ एक दिन के लिए न्यूजीलैंड में हैं, जिससे यह दौरा खास तौर पर अहम हो गया है। भारतीय समुदाय चार दशकों से ज्यादा समय से किसी भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे का इंतजार कर रहा है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए, समुदाय ने स्पार्क एरिना में एक शानदार स्वागत समारोह का आयोजन किया है, जिसका नाम ‘किया ओरा मोदी’ रखा गया है।”

उन्होंने कहा कि 40 साल बाद, न्यूजीलैंड भारत के प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार है, जिससे यह सच में एक ऐतिहासिक दौरा बन गया है। हाल के महीनों में, भारत और न्यूजीलैंड ने एफटीए, एयर कनेक्टिविटी एग्रीमेंट और कई दूसरी पहलों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनसे आपसी संबंध काफी मजबूत हुए हैं।

पूर्व कॉन्सुल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए बड़े मौके खोलता है। न्यूजीलैंड कृषि तकनीक के साथ-साथ हाई-टेक सामान और सर्विस में बहुत एडवांस्ड है। भारतीय बिजनेस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए जॉइंट वेंचर और साझेदारी के जरिए न्यूजीलैंड की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

नौहरिया ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर रोशन नौहरिया ने कहा, “मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों को फायदा होगा। न्यूजीलैंड का पहले से ही चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता है, जो एक बहुत बड़ी मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्था है, फिर भी न्यूजीलैंड हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करके ट्रेड सरप्लस बनाए रखने में कामयाब रहा है। न्यूजीलैंड के खाद्य उत्पादक अपनी गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में भरोसेमंद हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी बहुत ज्यादा डिमांड है। जैसे-जैसे भारत का मिडिल क्लास बढ़ता जाएगा, कंज्यूमर्स की परचेजिंग पावर बढ़ेगी और प्रीमियम-क्वालिटी वाले फ़ूड प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी।”

रोशन नौहरिया ने कहा, “हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड आ रहे हैं। मुझे अभी भी 1986 में किसी भारतीय प्रधानमंत्री, राजीव गांधी का आखिरी दौरा याद है, जब मुझे उनके सम्मान में डिनर में शामिल होने का मौका मिला था। पूरा भारतीय समुदाय इस दौरे को लेकर उत्साहित और खुश है। इससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंध और मजबूत होंगे।”

पीएम मोदी के दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है कि भारत जैसे बड़े और तेजी से विकसित हो रहे देश के प्रधानमंत्री, जो अगले दो दशकों में ग्लोबल सुपरपावर बन सकता है, न्यूजीलैंड जैसे छोटे देश का दौरा कर रहे हैं। लंबे समय में, मुक्त व्यापार समझौता बहुत सारे मौके देता है। न्यूजीलैंड के पास खेती, खासकर डेयरी फार्मिंग और कृषि तकनीकों में उच्च विशेषज्ञता हासिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान सहयोग के किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसमें व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और रक्षा शामिल हैं, इस पर नटराज स्कूल ऑफ डांस की डायरेक्टर प्रभा रवि ने कहा, “मुझे लगता है कि इन सभी क्षेत्रों को फायदा होगा। इसलिए अगर आप व्यापार और निवेश को लें, उदाहरण के लिए, तो यह स्वाभाविक रूप से उन दो देशों के लिए एक बड़ा फोकस होगा जो एक साथ आ रहे हैं, खासकर जब इस समय एफटीए पर बातचीत चल रही है।”

पीएम मोदी के दौरे और इससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ती साझेदारी के बारे में जो मैसेज को लेकर प्रभा रवि ने कहा, “मैसेज बहुत साफ है: दोनों देश इस संबंध को अगले स्तर पर ले जाने के लिए गंभीर हैं। जैसा कि हम सब जानते हैं, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है, जबकि न्यूजीलैंड के पास शिक्षा, एग्री-टेक, खाद्य, इनोवेशन, स्थिरता और रिसर्च जैसे क्षेत्र में ताकत है। सहयोग की जबरदस्त संभावना है।”

उन्होंने कहा कि यह बहुत, बहुत खास दौरा है, क्योंकि 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड आ रहा है। तो आप सोच सकते हैं कि यह हमारे दोनों देशों के संबंधों में कितना अहम पड़ाव है। साथ ही, भारतीय समुदाय एक सदी से भी ज्यादा समय से न्यूजीलैंड का हिस्सा रहा है और उसने व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, खेल, कला, आप जो भी कहें, न्यूजीलैंड की जिंदगी के हर पहलू में, जिसमें राजनीति भी शामिल है, बहुत बड़ा योगदान दिया है।”

नटराज स्कूल ऑफ डांस की डायरेक्टर प्रभा रवि ने कहा, “मैं कहूंगी कि भारतीय समुदाय बहुत जरूरी भूमिका निभाता है। यह समुदाय असल में व्यवसाय, शिक्षा, संस्कृति, सार्वजनिक सेवा और हर तरह के पहलुओं के जरिए दोनों देशों के बीच एक ब्रिज का काम करती है।”