नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने नीति आयोग के ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट से भाजपा विधायक और प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया, जबकि जाने-माने इम्यूनोलॉजिस्ट गोबर्धन दास को इस संस्था का सदस्य नियुक्त किया गया। गोबर्धन दास ने शनिवार को आईएएनएस से विशेष बातचीत में पीएम मोदी का आभार जताया।
गोबर्धन दास ने आईएएनएस से बात करते हुए नीति आयोग का सदस्य बनाए जाने को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा, “नीति आयोग का सदस्य सिर्फ हमारा नहीं, बल्कि पूरे बंगाल और बंगालियों के लिए गर्व का विषय है। हमें बहुत अच्छा लग रहा है कि पीएम मोदी ने हमारे ऊपर विश्वास जताया। मैं उनको धन्यवाद देता हूं। नीति आयोग का सदस्य बनने के बाद हम देश के लिए और देश को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे। पीएम मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में हम भी नीति आयोग के सदस्य के रूप में जितना संभव हो पाएगा, उतना योगदान देंगे।”
उन्होंने कहा, “बंगाल ऋषि-मुनियों का देश था, यह एक सोनार बांग्ला था, जहां ऋषि अरविंद पैदा हुए। यह गुरु रविंद्रनाथ, बकीमचंद्र और श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बांग्ला है। अगर विज्ञान के क्षेत्र में देखेंगे तो यह मेघनाद साहा और सत्येंद्र बोस का बांग्ला है। बीच-बीच में यह थोड़ा बहुत मलिन हो गया था, लेकिन दोबारा बांग्ला को सोनार और गौरवमय बांग्ला बनाना है, यही हमारा उद्देश्य रहेगा।”
उन्होंने कहा, “बंगाल में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का जो हाल है, उसे ठीक करना है। प्रदेश में इंडस्ट्री के हाल को ठीक करना है। आज के समय में बांग्ला से सभी पलायन कर रहे हैं, चिकित्सा के लिए बाहर जा रहे हैं। नौकरी के लिए दक्षिण भारत और अन्य राज्य में लोग जा रहे हैं। भारतवर्ष का कोई भी नागरिक पीछे न हो, उसी की नीति हमें बनानी है। इस प्रयास में हम नीति आयोग में काम करेंगे और सभी को एक साथ लेकर चलेंगे, सबका साथ, सबका विकास के लिए काम करेंगे, जो भारत को एक विकसित देश बनाएगा।”
गोबर्धन दास ने कहा, “भारत पूरी तरह सक्षम है। भारत भविष्य में कैसा होगा, उसकी झलकियां हमने कोविड के समय में देखी थीं। देश ने अपना खुद का कोविड वैक्सीन बनाकर 140 करोड़ भारतीयों को सुरक्षित किया। इसके साथ ही 150 देशों के आसपास वैक्सीन की सप्लाई भी की। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम बहुत जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। भारत को विकसित बनाना और हर एक नागरिक की भलाई के लिए काम करना ही हमारा उद्देश्य है।”

