Saturday, August 8, 2026
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नोएडा में निवेश के नाम पर 1.38 करोड़ रुपये की साइबर ठगी, तीन लोगों को बनाया शिकार

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नोएडा, 7 अगस्त (आईएएनएस)। साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में मोटे मुनाफे, आईपीओ में दोगुना रिटर्न और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का झांसा देकर नोएडा के तीन लोगों से कुल 1 करोड़ 38 लाख रुपये की ठगी कर ली। तीनों मामलों में ठगों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम और फर्जी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर पीड़ितों का भरोसा जीता।

शुरुआत में मामूली मुनाफा दिखाकर निवेश बढ़वाया गया और बाद में लाखों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न निवासी अमीन उल्ला खान सबसे बड़ी ठगी का शिकार हुए। उन्होंने शिकायत में बताया कि सितंबर 2025 में फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया।

शेयर बाजार में रोजाना अच्छा मुनाफा कमाने का लालच देकर उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ दिया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में उन्हें 53 हजार रुपये निकालने भी दिए गए, जिसे बाद में दोबारा निवेश करा लिया गया। 16 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 के बीच उन्होंने अपने दो बैंक खातों से 72 लाख रुपये से अधिक विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में आईपीओ में निवेश के नाम पर पहले 18.87 लाख और फिर 30 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने का दबाव बनाया गया। रकम नहीं देने पर पहले से जमा पूरी राशि जब्त करने की धमकी दी गई, जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

दूसरे मामले में सेक्टर-78 स्थित द हाइड पार्क निवासी मोनिश कुमार घोष से 52.49 लाख रुपये की ठगी की गई। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में नामी कंपनियों के नाम पर बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप और टीसीजी प्लस नाम के मोबाइल ऐप के जरिए निवेश शुरू कराया गया। शुरुआत में एक लाख रुपये निवेश करने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे कुल 52.49 लाख रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने पांच लाख रुपये निकालने की कोशिश की तो पहले 20 प्रतिशत सर्विस चार्ज और बाद में 21.33 लाख रुपये टैक्स जमा करने की मांग की गई।

इसके बाद फर्जी आयकर नोटिस भी भेजा गया। शक होने पर उन्होंने संबंधित कंपनी से संपर्क किया, जहां पता चला कि उनके नाम और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा था। तीसरे मामले में सेक्टर-108 निवासी देवेंद्र सिंह रावत को टेलीग्राम के जरिए संपर्क कर निवेश पर भारी रिटर्न का लालच दिया गया। उन्हें एक ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। ठगों के झांसे में आकर उन्होंने 13 लाख 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

बाद में जब उन्होंने अपनी निवेश की गई राशि वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला और तब उन्हें साइबर ठगी का पता चला। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम अकाउंट और फर्जी ट्रेडिंग ऐप की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग लगातार सोशल मीडिया और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।