SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय नोएडा: एसएससी ऑनलाइन परीक्षा में धांधली को लेकर एसटीएफ ने 2 डायरेक्टर...

नोएडा: एसएससी ऑनलाइन परीक्षा में धांधली को लेकर एसटीएफ ने 2 डायरेक्टर समेत कुल 10 आरोपियों को भेजा जेल

0
4

नोएडा, 22 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एसटीएफ ने परीक्षा केंद्रों का चयन करने वाली कंपनी एसेस इंफ्रा प्राइवेट लिमिडेट के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस पूरे परीक्षा धांधली मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसटीएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 मई को एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षा (एसईपीएफ और एसएसएफ में कांस्टेबल सामान्य ड्यूटी और असम राइफल में राइफलमैन परीक्षा-2026) में धांधली कराने वाले सॉल्वर गैंग के 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की गहन जांच के आधार पर थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने परीक्षा केंद्रों का चयन करने वाली कंपनी एसेस इंफ्रा के 2 डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी राजस्थान के जयपुर निवासी हैं, जिनमें गगनदीप शर्मा पुत्र अमृतपाल शर्मा, निवासी 46, महिमा सिटी, थाना रामनगरी, जयपुर, राजस्थान, और यादवेन्द्र सिंह पुत्र दिलावर सिंह शामिल हैं। एसटीएफ को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि एसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। इसी सिलसिले में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड इकाई नोएडा नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक अक्षय पीके त्यागी के साथ एक टीम गठित कर अभिसूचना संकलन का कार्य किया जा रहा था।

22 मई को एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम द्वारा ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्रांतर्गत स्थित बालाजी डिजिटल जोन में आयोजित परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर तथा सर्वर हैक कर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर के लिंक सॉल्वर को उपलब्ध कराकर परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के मुख्य अभियुक्त प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा सहित 7 अभियुक्तों को 50 लाख रुपए नकद, प्रॉक्सी सर्वर सहित कई अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अभी तक कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि एसएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के लिए एसएससी द्वारा नियुक्त कार्यदायी संस्था ‘इक्विटी’ जाती है। इक्विटी ने उत्तर भारत के राज्यों में परीक्षा केंद्र चयन करने के लिए एसेस इंफ्रा कंपनी के साथ अनुबंध किया है। एसेस इंफ्रा द्वारा इक्विटी की तरफ से परीक्षा केंद्रों को चिन्हित करना, उनका सिक्योरिटी ऑडिट करना, परीक्षा केंद्र संचालक/ऑनर व स्टॉफ का पुलिस वेरिफिकेशन करना, आदि प्रमुख कार्य किए जाते हैं, जिसके लिए इक्विटी के द्वारा पूर्व निर्धारित दरों के अनुसार एसेस इंफ्रा को भुगतान किया जाना होता है।

जांच में यह बात सामने आई कि बालाजी डिजिटल जोन, जहां पर पूर्व में छापेमारी की गई थी, को भी एसएससी की परीक्षा हेतु एसेस इंफ्रा के द्वारा ही चिन्हित किया गया था। इस परीक्षा केंद्र पर वर्ष 2025 से अब तक एसएससी की कुल 16 परीक्षाएं आयोजित की गईं, लेकिन इन परीक्षाओं को कराने के लिए एसेस इंफ्रा ला के द्वारा बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र को निर्धारित शुल्क/रुपयों का भुगतान नहीं किया गया।

विवेचना के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों को निर्धारित शुल्क का भुगतान न किए जाने के बदले एसेस इंफ्रा के द्वारा परीक्षा केंद्र संचालकों के लिए सुरक्षा से जुड़े नियमों में विभिन्न प्रकार की अनदेखी की जाती थी, जिसके फलस्वरूप परीक्षा केंद्र संचालकों के द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने की व्यवस्था करायी जाती थी। जांच में अभी तक विभिन्न राज्यों यथा—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, और दिल्ली के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्र इस परीक्षा धांधली में सलिंप्त होना प्रकाश में आए हैं।

यह भी पाया गया कि अप्रैल-2026 में देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन नामक कम्प्यूटर लैब में भी इसी प्रकार प्रॉक्सी सर्वर लगाकर अभ्यर्थियों को नकल कराया जाना पकड़ा गया था, जिसके सम्बन्ध में थाना कोतवाली, देहरादून पर मुकदमा लिखा गया था, जिसमें भी मुख्य अभियुक्त के रूप में प्रदीप चौहान का नाम प्रकाश में आया था। इस तथ्य का संज्ञान न लेकर एसेस इंफ्रा के द्वारा प्रदीप चौहान की ग्रेटर नोएडा स्थित दूसरी लैब बालाजी डिजिटल जोन को पुनः परीक्षा केंद्र के रूप में चिन्हित कर दिया गया।

एसटीएफ के अनुसार, एसेस इंफ्रा परीक्षा केंद्र के चयन के लिये प्रमुख कार्यदायी संस्था थी, जिसके इस परीक्षा धांधली में सलिंप्तता के साक्ष्य के आधार पर कंपनी के डायरेक्टर गगनदीप शर्मा व यादवेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है।