ओम बिरला ने छात्रों से जागरूक नागरिक बनने का किया आह्वान, कहा-लोकतंत्र केवल चुनाव नहीं, संवाद का माध्यम

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नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एक भव्य वार्षिक पुरस्कार समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने स्कूल में स्थापित अत्याधुनिक एआई लैब का उद्घाटन भी किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने विभिन्न कालखंडों में अध्ययन, शिक्षण और प्रशिक्षण के माध्यम से देश-विदेश में अपने उत्कृष्ट योगदान से राष्ट्र का नाम रोशन किया है।

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा हैं और जब वे आगे बढ़ें, तो उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सेवा के साथ-साथ लोकतंत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। नीतियों के निर्माण, निर्णय प्रक्रिया और राष्ट्र के समग्र विकास में युवाओं की भूमिका अहम होती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है बल्कि यह संवाद, चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त माध्यम है। जब समाज के लोग एक साथ बैठकर अपने अनुभव साझा करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं, तभी लोकतंत्र की वास्तविक भावना मजबूत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जागरूक नागरिक बनकर देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्कूल में स्थापित अत्याधुनिक एआई लैब का उद्घाटन भी किया। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कक्षा छठ से ही विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय तकनीक के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि जब बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नवाचार, अनुसंधान और नई तकनीकों से जोड़ा जाता है, तो वे भविष्य में सक्षम नेतृत्वकर्ता बनते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि डीपीएस स्कूल के विद्यार्थी भविष्य में भारत के यश और गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे और विभिन्न क्षेत्रों में देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नेतृत्व करेंगे। अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो छात्र पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं, वे इसी तरह आगे बढ़ते रहें, जबकि अन्य छात्र भी मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करें।