लखनऊ, 18 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पीएम मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी दुनिया के किसी देश में जब जाते हैं तो वहां शांति का संदेश लेकर जाते हैं। उनकी कोशिश होती है कि संबंध बेहतर कर आयात-निर्यात की प्रक्रिया को सुचारु रूप से व्यवस्थित करें।
भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन हुआ है। नीट परीक्षा रद्द होने को लेकर राहुल गांधी के बयान पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि राहुल गांधी की बातों को कोई सीरियस नहीं लेता। वे दुनिया के किसी भी देश में जाते हैं तो भारत को ही कटघरे में खड़ा कर देते हैं। चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा करते हैं।
मंत्री जयवीर सिंह के बयान पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार की ओर से लाउडस्पीकर को धीमी आवाज में बजाने की सरकार ने अनुमति दी है। चार बजे भोर में नमाज अदा की जाती है; उस वक्त लोग नींद में होते हैं। धीमे आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर किसी को रोक नहीं है। अजान पर किसी को कहीं रोक नहीं है।
यूपी में मंत्रियों के विभागों में बंटवारे को लेकर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि संविधान के अनुसार 60 मंत्री होने चाहिए थे। सरकार ने उसको पूरा कर दिया और मंत्रियों को विभाग भी दे दिया गया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का खाना छूट गया था, नींद नहीं आ रही थी। विपक्ष को चिंता से मुक्त कर दिया गया और आराम से सोने के लिए बता दिया गया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को बता दिया गया है कि 12 बजे तक सोएं और जब उठें तो ट्वीट करें। उसके बाद दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और आराम करें। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी सरकार में उन्होंने जिन मंत्रियों को ये विभाग दिया था, वे भी बेचारे फ्रीज थे।

