Saturday, July 11, 2026
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ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत बरहरवा रेलवे स्टेशन से बचाए गए तीन नाबालिग लड़के

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मालदा, 7 मार्च (आईएएनएस)। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और निगरानी के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत बरहरवा रेलवे स्टेशन से तीन नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाया।

यह कार्रवाई मालदा डिविजनल रेलवे मैनेजर मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और अशीम कुमार कुल्लू, डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ मालदा की निगरानी में की गई।

आरपीएफ की टीम नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ ने लगभग 16 से 17 वर्ष आयु के तीन नाबालिग लड़कों को संदिग्ध और उद्देश्यहीन तरीके से घूमते हुए देखा। स्थिति को देखते हुए आरपीएफ के जवानों ने तुरंत उन्हें अपने संरक्षण में लेकर आरपीएफ पोस्ट में पूछताछ की और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की।

बाद में इन तीनों नाबालिगों को आगे की देखभाल, काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया के लिए बाल संरक्षण मंथन, बरहरवा के अधिकृत प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।

आरपीएफ का कहना है कि यह कार्रवाई मालदा डिवीजन की आरपीएफ की सतर्कता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो रेलवे परिसरों में नाबालिगों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

इससे पहले 2 फरवरी को बरहवारा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों ने सोमवार को दो नाबालिग बच्चों को सफलतापूर्वक बचाया। सामान्य गश्त के दौरान सुबह करीब 8:20 बजे आरपीएफ कर्मियों ने ट्रेन संख्या 15734 (फरक्का एक्सप्रेस डाउन) के आरक्षित कोच में एक तीन महीने का नाबालिग लड़का और एक आठ साल की नाबालिग लड़की को अकेला देखा।

आरपीएफ टीम ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बच्चों की देखभाल की गई और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए बाल संरक्षण मंथन, बरहवारा (साहिबगंज) के हवाले कर दिया गया। इस तरह बच्चों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सका।

वहीं, बरहरवा के आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि 2024 में 10 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके चंगुल से 28 बच्चों को बचाया गया था। साल 2024 में कुल 73 बच्चों और बच्चियों को रेस्क्यू किया गया। इसके साथ ही 2024 में 7 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 17 बच्चों को रेस्क्यू किया गया और 95 बच्चों को बचाया गया।

जानकारी के अनुसार, इस साल अब तक 20 से अधिक बच्चों को बचाया जा चुका है।