ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई दी स्वदेशी हथियारों की शक्तिः संजय सेठ

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय रक्षा बलों ने आतंकवादियों के छिपने के अड्डों को नष्ट किया। सेना ने भारत के शत्रुओं की कुटिल योजनाओं को नाकाम किया। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की शक्ति भी दिखाई दी। मंगलवार को यह बात रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कही।

उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य शक्ति देश के ही रक्षा उद्योगों से जुड़े कारखानों में विकसित की गई है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय रक्षा बलों के अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प को दिया। रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित प्रभावशाली अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों ने इसे और भी मजबूत बनाया। वह 5 मई को सेना द्वारा आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और स्टार्टअप्स को देश का ब्रांड एंबेसडर बताया।

उन्होंने कहा, “हमारे स्टार्टअप्स और एमएसएमई भविष्य में होने वाले विकास की प्रेरक शक्ति हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे हमारे युग के विश्वकर्मा हैं।” रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारत में निर्मित उपकरणों का प्रभावशाली उपयोग, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का प्रमाण है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और रक्षा संबधी निर्यात के आंकड़े नए भारत के उदय का प्रमाण हैं। यह नया भारत राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने में विश्वास रखता है।

उन्होंने कहा, “यह नया भारत किसी पर बुरी नजर नहीं रखता और न ही किसी के द्वारा अपनी संप्रभुता को खतरा पहुंचाने का प्रयास करने पर आंखें फेर लेता है।” रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि आज उपयोग में लाई जा रही तकनीक कल बेकार हो सकती है। उन्होंने उद्योग जगत से लीक से हटकर सोचते हुए तकनीकी प्रगति में अग्रणी बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने देश के रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवाचार एक सतत प्रक्रिया है और सरकार की ओर से इस सिलसिले में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के परिवर्तनकारी प्रभाव की बात कही। इसके साथ ही उद्योग जगत से विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया। यहां इस दौरान सेंट्रल कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता मौजूद रहे। उन्होंने इस अवसर पर उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे भारतीय सेना को भविष्य के लिए तैयार बल बनाने में योगदान दें। इसके लिए रक्षा बलों के साथ मिलकर काम करें।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से रणनीतिक स्वायत्तता, तकनीकी संप्रभुता और परिचालन के अनुकूल क्षमता प्राप्त होगी। गौरतलब है कि भारतीय सेना की उत्तरी और मध्य कमान तथा एसआईडीएम की द्वारा यह नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 आयोजित किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई को इसका उद्घाटन किया था। इसमें निजी क्षेत्र के रक्षा निर्माता रक्षा टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित कर रहे हैं। इसके लिए यहां स्टॉल हैं जिनमें अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी), ड्रोन, काउंटर यूएवी (ऑल टेरेन व्हीकल), निगरानी उपकरण और अन्य रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

–आईएएनएस

जीसीबी/एएस