Tuesday, May 26, 2026
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पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने की पीएम मोदी की सराहना, बोले-डिजिटल इंडिया और जीआई टैगिंग ने बदली देश की तस्वीर

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भुवनेश्वर, 26 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर ‘जीआई मैन’ के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने उनकी कार्यशैली और नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान पहले से अधिक मजबूत हुई है और देश की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

डिजिटल इंडिया, वोकल फॉर लोकल, जीआई टैगिंग और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने देश के जमीनी स्तर के समुदायों को सशक्त बनाने का काम किया है।

पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को उनके 12 वर्षों के कार्यकाल के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने और उसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने में प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग ऐसे निर्भीक और दूरदर्शी नेतृत्व को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, जिसके फैसलों का दूरगामी प्रभाव भारत के विकास पर दिखाई देगा।

उन्होंने बताया कि उनकी प्रधानमंत्री मोदी से पहली मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी और उसके बाद लगातार संवाद बना रहा। डॉ. रजनीकांत ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि काशी समेत देश के विभिन्न हिस्सों के जीआई टैग वाले उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पांच देशों की यात्रा के दौरान 20 से अधिक जीआई उत्पाद विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों को उपहार स्वरूप भेंट किए। यह भारत की ब्रांडिंग का अद्भुत उदाहरण है, जिससे लाखों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पियों और किसानों को रोजगार और पहचान मिल रही है।

डॉ. रजनीकांत ने वाराणसी में हुए विकास कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काशी का कायाकल्प कर दिया है। पहले जहां स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों में असंतोष रहता था। वहीं आज नमो घाट समेत पूरे शहर में व्यापक बदलाव दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि घाटों की सफाई, महिलाओं के लिए सुविधाएं और बेहतर यातायात व्यवस्था ने वाराणसी को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र बना दिया है। एयरपोर्ट से शहर पहुंचने में अब बहुत कम समय लगता है और शहर में रोप-वे जैसी आधुनिक सुविधाओं का विकास भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के विकास पर भी ध्यान दिया है। ओडिशा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की कला, शिल्प, विरासत और खान-पान को भी नई पहचान मिल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को कर्मठ और दूरदर्शी नेता बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

सोमनाथ से विश्वनाथ, महाकाल और बाबा केदारनाथ तक धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर डॉ. रजनीकांत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत की सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्राचीन काल में चाणक्य ने राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि की बात कही थी, उसी भावना के साथ प्रधानमंत्री मोदी आज देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, धार्मिक स्थल अब केवल आस्था के केंद्र नहीं रहे, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं, जो सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की डिजिटल इंडिया, उज्ज्वला योजना और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। डॉ. रजनीकांत ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली पारदर्शिता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कोविड काल और नोटबंदी जैसे कठिन समय में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और सरकारी लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों तक पहुंचने लगे। आज भारत के डिजिटल मॉडल को पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।

आत्मनिर्भर भारत और लोकल से ग्लोबल के मंत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीआई टैगिंग से स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिली है। जीआई टैग यह सुनिश्चित करता है कि कोई उत्पाद किस राज्य और किस क्षेत्र से संबंधित है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जीआई टैग का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भारतीय उत्पाद कानूनी सुरक्षा के साथ दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं।

पद्मश्री सम्मान को लेकर डॉ. रजनीकांत ने कहा कि अब देश में बिना प्रचार-प्रसार के समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी पद्म पुरस्कार पाने की कल्पना नहीं की थी। प्रधानमंत्री मोदी की व्यवस्था के तहत अब कोई भी व्यक्ति किसी योग्य व्यक्ति को पुरस्कार के लिए नामित कर सकता है। उन्होंने बताया कि उन्हें आज तक यह जानकारी नहीं है कि किसने उनका नामांकन किया था। 25 जनवरी की मध्यरात्रि में जब उन्हें पद्म पुरस्कार की सूची में अपना नाम होने की जानकारी मिली तो वह भावुक हो गए और ईश्वर तथा प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया।