Tuesday, June 2, 2026
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पाकिस्तान तय कर ले नक्शे पर रहना है या पूरी तरह खत्म होना है: आरपी सिंह

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नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कलकत्ता पर हमले की धमकी दिए जाने पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले पाकिस्तान का नामोनिशान नक्शे से मिट जाएगा।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि पाकिस्तान और उनकी सरकार अगर ऐसी सोच रखते हैं, तो उन्हें तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को नक्शे पर रहना है या पूरी तरह खत्म होना है।

केरल के सीएम पिनाराई विजयन के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि वे यह नहीं बता रहे हैं कि नक्सलियों ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व का सफाया कैसे किया। वह इसे राजनीतिक रंग देना चाहते हैं। सच यह है कि अर्बन नक्सल और माओवादियों को वामपंथी पार्टी से समर्थन मिलता रहा है।

महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र पर आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर बिल तक नहीं ला पाया, क्योंकि कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी इसके विरोध में थे। सोनिया गांधी ने इस बिल को लाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की, सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कीं। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम है कि महिला आरक्षण बिल लाया गया है, जिसके तहत महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण मिलने वाला है।

आरपी सिंह ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घुसपैठ तीन बड़े मुद्दे हैं, जो राज्य के बुनियादी ढांचे को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां के नेताओं के घरों से करोड़ों रुपए बरामद हुए। उनके कुछ नेता खुलकर कहते हैं कि वे शरिया कानून लागू करेंगे। इसीलिए बंगाल में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घुसपैठ तीन बड़े मुद्दे रहने वाले हैं।

भाजपा नेता ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे झूठ की डुगडुगी बजा रहे हैं। सच यह है कि हिंदी देश की तीसरी भाषा नहीं है। कोई भी भाषा देश की भाषा हो सकती है। स्टालिन जानबूझकर हिंदी के नाम पर लोगों को डरा रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि भारत हर कठिन परिस्थिति से मजबूत होकर ही निकला है। कोविड-19 महामारी का दौर सबके सामने है। जब भारत मजबूती के साथ बाहर निकला और दूसरे देशों को रास्ता भी दिखाया। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बावजूद भारत इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से भी उभरेगा।