इस्लामाबाद, 16 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंका के ‘डेली मिरर’ ने हाल ही में पाकिस्तान की बदहाल कानूनी और सामाजिक व्यवस्था की कहानी छापी। इसमें बताया गया कि कैसे जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे और इज्जत के नाम पर महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया जा रहा है। सोमवार को भी पाकिस्तान के पंजाब स्थित सरगोधा से ऐसा ही मामला सामने आया। एक शख्स ने अपनी पत्नी और 5 बच्चों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए कहा, ‘ये ऑनर किलिंग का मामला था।’
स्थानीय दैनिक डॉन ने सरगोधा पुलिस के हवाले से बताया कि उन्होंने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ऐसा शख्स भी शामिल है जिसने कथित तौर पर ‘इज्जत’ के नाम पर अपनी पत्नी और पांच बच्चों की हत्या कर दी और फिर खुद भी जान देने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि सोमवार तड़के, महिला के भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के अनुसार, मृतकों की पहचान आरोपी की पत्नी, उसकी 15-16 साल की बेटी, 5-6 साल, 9-10 साल और 12-13 साल के तीन बेटों, और कुछ महीने के एक और बेटे के रूप में हुई है।
दर्ज मामले के अनुसार, पत्नी और बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुख्य संदिग्ध ने खुद को चोट पहुंचाने के बाद खुद को घायल कर लिया।
पुलिस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पति ने यह हरकत ‘इज्जत के नाम पर’ की थी, क्योंकि उसे शक था कि उसकी पत्नी और बेटी का किसी आदमी के साथ नाजायज संबंध है।
पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री आजम नजीर तारार ने हाल ही में एक आंकड़ा पेश किया था। उन्होंने बताया, 2021 और 2024 के बीच देश में 7,500 से ज्यादा महिलाओं की हत्या की गई, जिनमें से 1,553 हत्याएं ‘ऑनर किलिंग’ (इज्जत के नाम पर हत्या) के नाम पर की गईं।
डेली मिरर की रिपोर्ट भी यही कहती है। हाल ही में प्रकाशित इस खोजी रिपोर्ट में कंदील बलोच हत्याकांड का जिक्र कर दावा किया गया, “सोशल मीडिया सेलिब्रिटी कंदील बलोच की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, और उसको दस साल बीत चुके हैं; उसके भाई ने ‘ऑनर किलिंग’ को चुना था। इसके बाद पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की धारा 302 और 311 के तहत ऐसे मामले दर्ज करना शुरू कर दिया। 2016 में कानून में किए गए संशोधनों के बावजूद, यह हिंसा कम नहीं हुई है। बल्कि, लोग बेखौफ अंदाज में अपनी करतूतों को अंजाम दे रहे हैं।”
अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन, ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि पाकिस्तान में हर साल लगभग एक हजार महिलाओं की ‘इज्जत’ के नाम पर हत्या कर दी जाती है—और कानूनी सुधारों के बावजूद, यह आंकड़ा लगभग वैसा का वैसा ही बना हुआ है।

