Thursday, July 30, 2026
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पेपर लीक करने वाले कैंसर को समाप्त करना होगा : आनंद दुबे

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मुंबई, 29 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर समस्या है, जिससे देश के होनहार छात्रों को जूझना पड़ रहा है। दो साल की कड़ी मेहनत के बाद जब कोई छात्र परीक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और चार दिन पहले पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है, तो उसका भरोसा टूट जाता है।

दुबे ने कहा, “पेपर लीक करने वाले इस कैंसर को समाप्त करना होगा।”

उन्होंने संसद की कार्यवाही पर भी बात की और कहा कि यह तभी सही ढंग से चलेगा, जब पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे की बात सुनेंगे। यह विवाद का समय नहीं, संवाद का समय है। जब सत्र समाप्त हो जाएगा, तब जितना विवाद और कटाक्ष करना हो, कर सकते हैं।

आनंद दुबे ने कहा कि जिन भी राज्यों में पेपर लीक की खबरें सामने आई हैं, वहां आंदोलन होना चाहिए। पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने की जरूरत है। पेपर लीक होता है तो मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को जवाब देना ही होगा। उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि दो चश्मों से नहीं, एक चश्मे से देखना होगा। पेपर लीक करने वाले देशद्रोही हैं, उन्हें किसी भी राज्य में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

नीट पेपर लीक मामले पर सीबीआई की चार्जशीट पर दुबे ने कहा कि एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाना चाहिए, ताकि आरोपियों पर जल्द मुकदमा चले और उन्हें कड़ी सजा मिले। इतनी कड़ी सजा दी जानी चाहिए कि भविष्य की पीढ़ियां पेपर लीक करने की कोशिश करने से पहले सौ बार सोचें। सीबीआई को अपनी जांच तेज करनी चाहिए, पूरे रैकेट का पर्दाफाश करना चाहिए और ठोस सबूतों के साथ आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश करना चाहिए।

सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान पर दुबे ने कहा कि इतिहास में उलझने के बजाय हमें इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि 2026 में देश को कैसे आगे बढ़ाया जाए। हमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और अपने बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए। हमारे महान नेताओं ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और वे सम्मान के पात्र हैं। वीर सावरकर भी महान हैं और सुभाष चंद्र बोस भी महान हैं। हमारे लिए दोनों महान हैं।

संगरूर कोर्ट द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ वारंट जारी किए जाने की खबरों पर आनंद दुबे ने कहा कि कोर्ट में चल रहे मामलों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने सांसद, विधायक और मंत्री के रूप में कई बार सेवा की है। उनकी उम्र और राजनीतिक कद को देखते हुए उन्हें उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। अगर वे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश नहीं हो सकते, तो उनके वकील हलफनामा दाखिल कर जमानत की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।