Sunday, July 12, 2026
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पेपर लीक पर इमरान प्रतापगढ़ी का सरकार पर हमला, बोले-छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

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रायपुर, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों के भविष्य, पेपर लीक की घटनाओं, शिक्षा व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है और इसी कड़ी में राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया गया है।

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि शिक्षा के भविष्य को बचाने और छात्रों की आवाज को मजबूती देने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पहला बड़ा कार्यक्रम कोटा में आयोजित किया गया था, जहां राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब इस आंदोलन को देश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में पूर्णिया में ‘छात्रों की गूंज’ का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया और अब बिलासपुर में भी छात्रों से संवाद किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने देश के 28 ऐसे शहरों को चिन्हित किया है जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। इन सभी जगहों पर पार्टी के नेता जाकर छात्रों की समस्याओं को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की जा रही है।

पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह देश के छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और कई युवाओं ने निराश होकर आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक के बाद 21 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है।

कांग्रेस नेता ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने अब तक नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया है और प्रधानमंत्री ने भी उन्हें पद से नहीं हटाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि छात्रों के साथ हुए अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल व्यवस्था बदलने या दिखावे से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को बुखार है तो थर्मामीटर बदलने से बुखार खत्म नहीं होता, बल्कि बीमारी का इलाज करना पड़ता है। इसी तरह पेपर लीक रोकने के लिए मूल समस्या पर ध्यान देना जरूरी है।

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश की जांच एजेंसियां सक्षम हैं और अपना काम कर सकती हैं, लेकिन सवाल यह है कि शिक्षा मंत्रालय अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय इसे केवल प्रचार और आयोजनों तक सीमित कर रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने मुद्दों पर मजबूती से खड़े रहें और सरकार से जवाब मांगते रहें।

उन्होंने कहा कि संसद के आगामी सत्र में कांग्रेस पार्टी पेपर लीक के मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों के हित में जिम्मेदारी तय नहीं होती और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

वियतनाम में हुए नाव हादसे पर भी इमरान प्रतापगढ़ी ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और कांग्रेस पार्टी हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारतीय दूतावास को प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मां के नाम एक पेड़’ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केवल अभियान चलाना और कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीन पर वास्तव में कितने पेड़ लगाए गए और कितने सुरक्षित बचे, यह महत्वपूर्ण सवाल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई योजनाओं को केवल इवेंट के रूप में प्रस्तुत करती है और बाद में उनके आंकड़ों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वास्तविक काम जरूरी है, केवल प्रचार से समस्या का समाधान नहीं होगा।

वक्फ संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियां देश की महत्वपूर्ण संपत्तियां हैं और सरकार को इनके संरक्षण के लिए काम करना चाहिए।