नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे, नीट-पीजी परीक्षा में सामने आई समस्याओं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी, पंजाब की राजनीति, हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे पर आरपी सिंह ने कहा कि वहां प्रधानमंत्री को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है, जो पूरे देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।
नीट-पीजी 2026 परीक्षा के दौरान बिजली कटौती और तकनीकी समस्याओं को लेकर सामने आई शिकायतों पर भाजपा प्रवक्ता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर बार-बार लाइट कट और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जनरेटर का प्रबंध न होना गंभीर विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित राज्य सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियां भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगी।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि मोहन भागवत देश और विदेश दोनों जगहों पर हमेशा हिंदू समाज की समावेशी सोच की बात करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू किसी विशेष पंथ या पूजा पद्धति का नाम नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति है और इसका मूल भाव सभी को साथ लेकर चलना है। उन्होंने यह भी कहा कि मोहन भागवत स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि भारत में किसी समुदाय विशेष के न रहने की सोच रखने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकता।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां द्वारा छात्रों के सवाल पूछने के अधिकार संबंधी बयान पर आरपी सिंह ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है और न्यायपालिका, कार्यपालिका तथा राजनीतिक नेतृत्व सभी की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं के प्रश्नों का जवाब दें।
डीएमके सरकार और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा उसके ‘थ्रेट परसेप्शन’ यानी खतरे के स्तर के आधार पर दी जाती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जैसे मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सुरक्षा एजेंसियों का निर्णय पेशेवर आकलन के आधार पर होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और शिरोमणि अकाली दल नेता सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर आरपी सिंह ने कहा कि यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दलित राजनीति की बात करती है, लेकिन उसे अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए। सिंह ने दावा किया कि कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण की कार्रवाई खड़गे के वहां जाने के कारण नहीं, बल्कि मंच से लगाए गए कुछ नारों के विरोध में की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन से जुड़े लोग स्वयं दलित समाज से थे।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुद्दे पर आरपी सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और जो प्रक्रिया एक आम नागरिक पर लागू होती है, वही जनप्रतिनिधियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर भी लागू होनी चाहिए।
