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पश्चिम बंगाल में मध्याह्न भोजन सेवा जारी रखेगा अन्नमृता फाउंडेशन, अन्य जिलों में विस्तार की योजना

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कोलकाता, 15 सितंबर (आईएएनएस)। इस्कॉन और उसके स्वयंसेवकों द्वारा समर्थित अन्नमृता फाउंडेशन ने 1 अगस्त 2026 को कोलकाता में पहले केंद्रीय मध्याह्न भोजन रसोईघर का उद्घाटन किया था। अब यह फाउंडेशन पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से न केवल कोलकाता शहर में बल्कि पश्चिम बंगाल के अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं विस्तारित कर रहा है।

अन्नमृता फाउंडेशन के कोलकाता स्थित रसोईघर से वर्तमान में कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में भोजन परोसा जा रहा है, जिसे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने समान रूप से सराहा है। सभी इसकी गुणवत्तापूर्ण भोजन, पौष्टिक आहार, स्वच्छता और स्वाद की प्रशंसा करते हैं।

श्रील एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा मुंबई में स्थापित और पंजीकृत इस्कॉन की भारत भर में 450 से अधिक शाखाएं हैं। इनमें से 35 शाखाएं और लगभग 8000 सभा केंद्र पश्चिम बंगाल में हैं। आज, इस्कॉन के विश्व भर में 1500 से अधिक केंद्र हैं और इसके खाद्य वितरण कार्यक्रम को भारत और विदेश में विभिन्न सरकारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और नागरिक समाज के नेताओं द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

इस्कॉन और इससे जुड़ी धर्मार्थ पहलें दशकों से भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य वितरण और मानवीय सेवा में लगी हुई हैं और प्रतिदिन 40 लाख भोजन परोसती हैं।

यह भी स्पष्ट किया जाता है कि इस्कॉन बैंगलोर सोसाइटी (जिसकी स्थापना 1978 में इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद के निधन के बाद हुई थी) से संबंधित एक दीर्घकालिक कानूनी विवाद चल रहा है। मधु पंडित दास और उनके रिश्तेदारों ने इस्कॉन बैंगलोर के मंदिर प्रशासन और अक्षय पात्र जैसे संबंधित कार्यक्रमों पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए इस सोसाइटी का इस्तेमाल किया था। इसलिए, बैंगलोर सोसाइटी या उसके न्यासियों से जुड़े हर संस्थान को मूल और वैश्विक इस्कॉन संगठन, जिसे लोकप्रिय रूप से हरे कृष्ण आंदोलन के नाम से जाना जाता है, के प्रबंधन या शासी संरचना के अधीन मानना ​​गलत होगा।

अन्नमृता फाउंडेशन 2004 से सरकारी स्कूलों में पौष्टिक भोजन परोस रहा है। आज, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों सहित पूरे भारत में 12 लाख से अधिक भोजन परोसे जा चुके हैं।