Tuesday, August 18, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति पत्रकार फेक नहीं नेक न्यूज की आदत डालें : सीएम मोहन यादव

पत्रकार फेक नहीं नेक न्यूज की आदत डालें : सीएम मोहन यादव

0
4

भोपाल, 18 अगस्त (आईएएनएस) । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि पत्रकारों को फेक न्यूज़ की जगह नेक न्यूज़ की आदत डालना चाहिए । माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय सत्र आरंभ ‘अभ्युदय2026’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘आज का पत्रकार फेक न्यूज की जगह नेक न्यूज की आदत डाले। हम सनसनी तो लाएं, सत्य तो लाएं, साहस भी जुटाएं। आप लोक सत्ता के विरोधी हो सकते हैं, सत्ता के विरोधी हो सकते हैं, उसमें कोई संकट की बात नहीं। लेकिन, देशहित का ख्याल रखिए।’

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी “100 साल से 100 सुर्खियां” का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि माखन लाल विश्वविद्यालय की स्थापना को 36 साल हो गए। लेकिन, आज तक किसी विद्यार्थी का आपस में 36 का आंकड़ा नहीं है। यहां सभी का प्रेम का संबंध है। इस विश्वविद्यालय की साख और धाक दोनों अच्छी हैं। आज सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया है। मीडिया का अहसास हजारों साल से होता आया है।

मुख्यमंत्री यादव ने मीडिया को भगवान राम के काल से जोड़ते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में भगवान राम के दो बेटे हुए लेकिन, उस समय मीडिया नहीं थी, तो बच्चों का पिता से परिचय कैसे कराएं। ये बड़ी चुनौती थी। उस वक्त महर्षि वाल्मीकि के ध्यान में आया कि बच्चों को रामायण सुनाई जाए। बच्चों को संगीतमय रामायण कंठस्थ कराने के बाद उन्हें अयोध्या पहुंचाया गया। उसके बाद बच्चों ने जनता के जरिये अपनी बात अयोध्या तक पहुंचाई। यह भी पत्रकारिता का एक माध्यम रहा होगा।

उन्होंने कहा कि इसी तरह भगवान श्री कृष्ण के काल में भविष्यवाणी भी पत्रकारिता का माध्यम रहा होगा। पत्रकारिता का संबंध नारद देव से जोड़ा जाता है। उस वक्त नारद से पूछा गया होगा कि आपने भगवान कृष्ण के भाइयों को मरवाने का काम क्यों किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मेरे अनुसार नारद ने कहा होगा कि भगवान इतनी आसानी से जन्म नहीं लेते। अगर कंस एक ही बच्चे को मारता तो हो सकता है कि उसकी क्रूरता दब जाती। इसलिए कंस के चरित्र को बाहर लाने के लिए एक रचना बनाई गई। उसके बाद कंस का अत्याचार बढ़ता देख जनता ने ही ईश्वर से अवतार लेने की प्रार्थना की होगी और श्री कृष्ण ने अवतार लिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वीर सावरकर ने आजादी के पहले बता दिया था कि पत्रकार की भूमिका क्या होती है। लंदन में पढ़ने के साथ-साथ वो बड़ा काम करते हैं। वो सोचते हैं कि 1857 के आजादी के संघर्ष का सही पक्ष सबके सामने आना चाहिए। वे लंदन के सबसे शक्तिशाली क्षेत्र में जाकर इस बात को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक पत्रकार की ही हिम्मत हो सकती है कि वह इतने प्रभावित क्षेत्र में इस तरह की बात छापे और बताए कि 1857 का युद्ध स्वतंत्रता संग्राम का समर है, ये कोई विद्रोह नहीं है।

उन्होंने कहा कि वीर सावरकर को दो-दो बार कालापानी की सजा हुई। वीर सावरकर में आंतरिक शक्ति गजब की थी। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आपातकाल के वक्त समाचार पत्रों ने अपना पहला पन्ना खाली रखकर संघर्ष की अलख जगाई। आपातकाल का विरोध किया। इस संघर्ष की वजह से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत विश्व के सामने खड़ा है।

–आईएएनएस

एसएनपी/पीएम