नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। अगर आप कॉफी के शौकीन हैं, लेकिन कैफीन की वजह से नींद नहीं आती, घबराहट होती है या फिर स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते हैं तो आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प तैयार है। ऐसी ही एक कॉफी पाई जाती है, जिसमें कैफीन नहीं पाई जाती और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले की चिकोरी कॉफी अब देशभर में लोकप्रिय हो रही है। यह पूरी तरह कैफीन-रहित है और न सिर्फ स्वाद में कॉफी जैसा एहसास देती है, बल्कि तन-मन दोनों के लिए फायदेमंद भी है। उत्तर प्रदेश का पर्यटन विभाग चिकोरी कॉफी के बारे में विस्तार से जानकारी देता है।
विभाग के अनुसार, एटा जिला अपनी समृद्ध कृषि परंपरा और गुणवत्ता वाले चिकोरी उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां उगाई जाने वाली चिकोरी आज काफी पसंद की जा रही है और अपनी पहचान भी बना रही है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग तेजी से सामान्य कॉफी की जगह एटा की चिकोरी को अपना रहे हैं।
यह कॉफी चिकोरी के पौधे की जड़ों से बनाई जाती है। जड़ों को अच्छी तरह सुखाया जाता है, फिर भुना जाता है और अंत में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है। इसका स्वाद और रंग सामान्य कॉफी के काफी करीब होता है, लेकिन इसमें बिल्कुल भी कैफीन नहीं होता, इसलिए इसे पीने से घबराहट, अनिद्रा या हृदय की धड़कन बढ़ने जैसी समस्याएं नहीं होतीं।
खास बात है कि इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। चिकोरी कॉफी में प्राकृतिक रूप से इनुलिन फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंतों (गट) की सेहत के लिए बेहद उपयोगी है। यह पाचन क्रिया को मजबूत करता है, कब्ज की समस्या दूर करता है और पेट को स्वस्थ रखता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। यह कॉफी तनाव कम करने और मन को शांत रखने में भी सहायक है। कैफीन न होने के कारण शाम या रात में भी इसे बिना किसी चिंता के पिया जा सकता है।
एटा की चिकोरी न सिर्फ शुद्धता और स्वाद के लिए मशहूर है, बल्कि जो लोग रोजाना कॉफी पीते हैं और कैफीन की अधिकता से परेशान हैं, उनके लिए चिकोरी एक सुरक्षित और स्वादिष्ट विकल्प है। यह उत्पाद अब ऑर्गेनिक और हेल्थ फूड स्टोर्स में आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

