Thursday, July 30, 2026
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फुलेरा दूज : श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित दिन, ब्रज में होली की शुरुआत

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नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित फुलेरा दूज का पावन पर्व 19 फरवरी को मनाया जाएगा। यह त्योहार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर आता है, फुलेरा दूज ब्रज क्षेत्र, खासकर मथुरा और वृंदावन में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को होली खेलने की तैयारियों में दिखाया जाता है, जिससे होली उत्सव की शुरुआत का संकेत मिलता है।

फुलेरा दूज बसंत पंचमी और होली के बीच पड़ता है। ब्रज के मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाती हैं, जहां राधा-कृष्ण की होली लीला का सुंदर दृश्य दर्शकों को आनंदित करता है। इसे फुलैरा दूज के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व का धार्मिक महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में इसे सभी दोषों से मुक्ति का दिन बताया जाता है।

कई मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विवाह, सगाई जैसे मांगलिक कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किए जा सकते हैं, क्योंकि यह अबूझ मुहूर्त माना जाता है। हालांकि, सभी ज्योतिषी इस बात से सहमत नहीं हैं और कुछ पंचांगों में इसे विवाह के लिए अलग से सूचीबद्ध नहीं किया जाता।

मान्यता है कि इसी दिन श्रीकृष्ण ने गोपियों संग फूलों की होली खेली थी। इसी दिन से ब्रज के होली की शुरुआत मानी जाती है।

19 फरवरी को गुरुवार है। पंचांग के अनुसार, नक्षत्र पूर्व भाद्रपद रात 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। चंद्रमा कुंभ राशि में संचार करते हैं। सूर्योदय 6 बजकर 56 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 14 मिनट पर होगा।

शुभ कार्यों के इच्छुक लोग राहुकाल का विशेष ध्यान रखें। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा, इस दौरान कोई मंगल कार्य नहीं करना चाहिए। अन्य अशुभ काल में यमगंड सुबह 6 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 21 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 9 बजकर 46 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 28 मिनट से 3 बजकर 13 मिनट तक और अमृत काल दोपहर 1 बजे से 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।

फुलेरा दूज रंगों, खुशियों और भक्ति से भरा त्योहार है, भक्त इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरित करते हैं।