पीयूष हजारिका ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत, पवन खेड़ा पर लगाए गंभीर आरोप

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गुवाहाटी, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने पर मंत्री पीयूष हजारिका ने खुशी जाहिर की और फैसले का स्वागत किया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां पर कई पासपोर्टों से संबंधित लगे आरोपों के लेकर पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।

मंत्री पीयूष हजारिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “मैं आभारी हूं कि गुवाहाटी हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को जमानत देने से मना कर दिया है।”

उन्होंने पवन खेड़ा पर आरोप लगाते हुए कहा, “उन्होंने जमीन के कागजात और पासपोर्ट इसलिए जाली बनाए थे ताकि चुनाव के नतीजों में हेरफेर कर सके और दूसरे आजाद देशों के साथ भारत के रिश्तों को भी नुकसान पहुंचा सके। अब हमें और जवाब चाहिए। 1. उसके साथ साजिश में कौन-कौन शामिल थे? क्या खेड़ा ही इस साजिश के मास्टरमाइंड थे या वह किसी और के गंदे खेल का बस एक मोहरा थे? 2. इस नापाक काम के लिए पैसे किसने दिए थे और उन्होंने इसके अलावा और कौन-कौन से दस्तावेज जाली बनाए थे? 3. क्या इस गैर-कानूनी काम में सीमा पार से भी कोई विदेशी लोग शामिल थे?

पीयूष हजारिका ने कहा, “मुझे बताया गया है कि पवन खेड़ा बिचौलियों के जरिए काम कर रहे हैं, लेकिन वह यह भूल गए हैं कि असम पुलिस कानून के राज के तहत काम करती है। उसे और उसके साथ साजिश में शामिल हर व्यक्ति को कानून के सख़्त नतीजों का सामना करना पड़ेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के उन सभी हमदर्दों, जो इसे बोलने की आजादी पर एक मनगढ़ंत हमला बताने की कोशिश करेंगे, को ये जानना चाहिए कि यह बोलने की आजादी के दायरे में आने वाला मामला नहीं है। यह चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले पार्टी के एक आधिकारिक मंच से जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके वोटरों को प्रभावित करने का मामला है।