लखनऊ, 24 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश, सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने और प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। छात्रों की सुरक्षा और भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी की ओर से जारी वीडियो संदेश पर मनोज पांडे ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी देश के छात्रों के भविष्य को लेकर कितने गंभीर हैं। पीएम मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा कर यह संदेश दिया है कि पेपर लीक जैसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। छात्र ही देश का भविष्य, नई सोच और नए भारत की पहचान हैं। वर्तमान सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी कर ही नहीं सकती। छात्रों का भविष्य केंद्र सरकार, भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है और सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने स्वीकार किया कि नीट परीक्षा में पेपर लीक जैसी गंभीर कमियां सामने आईं, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की, व्यापक जांच कराई, दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, दोबारा परीक्षा आयोजित कराई और बिना देरी परिणाम घोषित किए। इस पूरी प्रक्रिया से छात्रों और उनके परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। छात्रों की पीड़ा को सरकार समझती है और उसका समाधान केवल संवाद के माध्यम से ही संभव है। सरकार पूरी तरह चर्चा और संवाद के लिए तैयार है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि छात्रों के हितों के साथ भविष्य में कोई समझौता न हो। जहां भी व्यवस्था में कमियां मिलेंगी, सरकार उन्हें सुधारने का कार्य करेगी।
सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की टिप्पणी पर मनोज पांडे ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल वर्षों तक छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं और छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रयागराज में पूर्व में छात्रों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उन घटनाओं को देश भूला नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ दल छात्रों के हितों के मुद्दे को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर राष्ट्र और समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। छात्र देश की धरोहर हैं और भारत सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार संवाद, अध्ययन और सुधार की प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करेगी।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन पर भी मनोज पांडे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना अत्यंत गंभीर विषय है। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा राष्ट्रीय महत्व का विषय है और इस प्रकार के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री की सुरक्षा और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम पैदा करना निंदनीय है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं तथा संवैधानिक दायित्वों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

