रायपुर, 14 मई (आईएएनएस)। पीएम मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण को लेकर देशवासियों से की गई अपील पर कई नेताओं और मंत्रियों ने अपने काफिले को कम करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही नेताओं ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने और समझदारी से उपयोग करने की बात कही है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद सरकारें भी इस दिशा में कदम उठा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या कम की गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश के हित की बात आती है तो सरकारें उसी दिशा में काम करती हैं और इसी भावना के तहत नीतियों को लागू किया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस हर बार की तरह सिर्फ खामियां ढूंढने में जुटी हुई है।
मध्य प्रदेश के दमोह में भाजपा सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा, “मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर दिया है। मैं सभी से अपील करता हूं कि पेट्रोल और ईंधन की खपत के मामले में, जैसा कि प्रधानमंत्री ने आग्रह किया है, हमें देश को बचाने और अर्थव्यवस्था की रक्षा करने पर ध्यान देना चाहिए। हमें ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि इससे हमें भारत की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।”
हरियाणा के पंचकूला में भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने बयान दिया, “प्रधानमंत्री ने दूसरों के साथ मिलकर अपने काफिले का आकार 50 प्रतिशत तक कम कर दिया, और उसके बाद सभी मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी इस कदम का पालन किया। मेरा मानना है कि हम सभी को इसे लागू करना चाहिए। मुझे यह भी लगता है कि चंडीगढ़ में अब मेट्रो सेवा शुरू करने का समय आ गया है। अगर मेट्रो की सुविधा होगी तो लोग पर्सनल गाड़ियों का इस्तेमाल कम करेंगे।”
इसी तरह भाजपा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा, “प्रधानमंत्री जिम्मेदारी से और हमेशा देश के हित में बोलते हैं। वे अपने कर्तव्य और जवाबदेही के हिस्से के तौर पर नागरिकों को संबोधित करते हैं। इसका असर हुआ है। जब भी प्रधानमंत्री कोई पहल करते हैं, तो पूरे देश से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलती है।”
वहीं, मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने भी कहा, “अगर प्रधानमंत्री कोई चीज शुरू करते हैं, तो पूरा देश उनका अनुसरण करता है। पीएम मोदी जो कुछ भी कहते हैं, वह हमेशा देश के हित में होता है।”
महाराष्ट्र के मुंबई से मेयर रितु तावड़े ने भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों को डीजल और रसोई गैस जैसे संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जहां संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना चाहिए और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना चाहिए ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।

